लंबित मामलों के निष्पादन में देरी बर्दाश्त नहीं, अधिकारी निर्णय लेकर आगे बढ़ें : जिलाधिकारी
बिहारशरीफ। नालंदा जिला प्रशासन की साप्ताहिक समीक्षा बैठक सोमवार को न्यू एनआईसी भवन में जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह, भा.प्र.से. की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित मामलों, जन शिकायतों, राज्य स्तरीय सहयोग पोर्टल, सेवा संकल्प अभियान, राजस्व महाभियान, राशन कार्ड, विद्युत एवं शिक्षा से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों एवं कैलेंडर की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने अभियान को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रखंड एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यरत कर्मियों में से दो-दो कर्मियों को दस्तावेजीकरण एवं संबंधित कार्यों के लिए प्रशिक्षित कराने का निर्देश दिया, ताकि अभियान के दौरान सभी गतिविधियों का सही तरीके से रिकॉर्ड संधारित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी मामले के निष्पादन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से राज्य स्तरीय सहयोग पोर्टल से जुड़े मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अनुमंडल स्तर पर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्णय लेकर मामलों को आगे बढ़ाने को कहा।
मुख्यमंत्री ग्राम पंचायत योजना से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछली समीक्षा बैठक में लंबित मामलों की संख्या 13 थी, जो अब घटकर 7 रह गई है। जिलाधिकारी ने शेष सभी सात मामलों का निष्पादन इसी सप्ताह के अंदर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। संबंधित पदाधिकारी ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी मामलों का समाधान करने का आश्वासन दिया।
सीएम डैशबोर्ड पर लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिक संख्या में मामले लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली। बताया गया कि इनमें अधिकांश मामले पुलिस प्रशासन से संबंधित हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में बल्क मिल्क वॉयलिंग एवं कूलिंग यूनिट के लिए चिह्नित भूमि से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। वहीं, नगरनौसा में डिग्री कॉलेज के लिए भूमि संबंधी प्रस्ताव अब तक प्राप्त नहीं होने पर जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा से जानकारी ली। अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा ने बताया कि भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है तथा विभागीय दिशा-निर्देश प्राप्त करने के लिए पत्र भेजा गया है। दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
अतिक्रमण से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक से पहले लंबित 27 मामलों में स्पष्ट प्रगति दिखाई देनी चाहिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
राशन कार्ड से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने केवाईसी की प्रगति को वर्तमान 39 प्रतिशत से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने एक अनुमंडल से दूसरे अनुमंडल के बीच कार्य प्रगति में अंतर के कारणों की भी जानकारी ली। राजगीर, हिलसा एवं बिहारशरीफ अनुमंडल में अपेक्षाकृत अधिक अंतर रहने के कारणों की समीक्षा की गई तथा प्रखंड स्तर पर कम प्रगति के कारणों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से मांगी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन अनुमंडलों में बेहतर कार्य हो रहा है, वहां अपनाई जा रही कार्यप्रणाली को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर कर्मी घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज प्राप्त करें, ताकि राशन कार्ड से संबंधित कार्यों में तेजी लाई जा सके। बिहारशरीफ अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि दो ऑपरेटरों के माध्यम से राशन कार्ड संबंधी कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इसी प्रकार की व्यवस्था अन्य अनुमंडलों में भी सुनिश्चित की जाए।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान पीएम सूर्य घर योजना में आवेदन प्राप्त होने के बाद कन्वर्जन रेट कम रहने के कारणों की जानकारी ली गई। संबंधित पदाधिकारी ने बताया कि राज्य सब्सिडी प्राप्त होने में विलंब के कारण कन्वर्जन की गति प्रभावित हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने प्राप्त आवेदनों में कम-से-कम 50 प्रतिशत कन्वर्जन सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से बिहारशरीफ ग्रामीण एवं राजगीर क्षेत्र में कार्य में तेजी लाने को कहा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी आवश्यक मामलों में निर्णय लेने में अनावश्यक देरी न करें और मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आगे बढ़ाएं।
