बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राहत शिविरों का किया निरीक्षण
पीड़ितों से मिलकर जानी समस्याएं, स्वयं परोसा भोजन और उनके साथ बैठकर किया भोजन
हाजीपुर/सोनपुर, 8 सितंबर 2026। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली एवं सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हाजीपुर एवं सोनपुर में संचालित बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भोजन व्यवस्था का जायजा लेते हुए प्रभावित लोगों को स्वयं भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य जरूरी सुविधाओं की किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में संचालित आंगनबाड़ी एवं शैक्षणिक शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और खान-पान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए और शिविरों में शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाएं।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण कर अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु चिकित्सा शिविरों में पर्याप्त मात्रा में दवाओं के साथ पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने को भी कहा।
मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता
बाढ़ के दौरान डूबने से हुई मौत के मामलों में मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकार की ओर से निर्धारित सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। फसल क्षति का आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार समुचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
राहत-बचाव कार्यों में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ काम करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने तथा जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज करने को कहा।
