8 माह के अपहृत मासूम को नालंदा पुलिस ने 72 घंटे में किया सकुशल बरामद, चाची भतीजा गिरफ्तार

0
20260630_110405

शादी कराने का झांसा देकर रची गई थी अपहरण की साजिश, पुलिस टीम होगी सम्मानित

बिहारशरीफ (नालंदा), संवाददाता। नालंदा जिले के छबीलापुर थाना क्षेत्र से अपहृत आठ माह के मासूम जनसुराज मांझी को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। गिरफ्तार दोनों आरोपी रिश्ते में चाची-भतीजा हैं। पुलिस ने खुलासा किया है कि मासूम के अपहरण के पीछे किसी संगठित अपराधी गिरोह का हाथ नहीं, बल्कि शादी का लालच था।

जानकारी के अनुसार, छबीलापुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव निवासी महेश मांझी का आठ माह का पुत्र जनसुराज 26 जून की रात करीब एक बजे अपने माता-पिता के साथ घर में सो रहा था। देर रात बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब मासूम का कोई सुराग नहीं मिला तो पिता ने छबीलापुर थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। राजगीर के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार जांच और छापेमारी की। इसके बाद पुलिस ने 72 घंटे के भीतर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया।

शादी के लालच में कराया अपहरण

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी धर्मेंद्र कुमार, जो पोलियो से दिव्यांग है, अपनी शादी को लेकर परेशान था। उसकी चाची मिंटू देवी ने उसे शादी कराने का झांसा दिया और कहा कि यदि वह किसी छोटे बच्चे का इंतजाम कर देगा तो उसकी शादी करा दी जाएगी।

पुलिस के अनुसार, मिंटू देवी की योजना बच्चे को अपनी एक रिश्तेदार, जिनकी कोई संतान नहीं थी, को सौंपने की थी। इसी योजना के तहत धर्मेंद्र कुमार ने 26 जून की रात महेश मांझी के आठ माह के पुत्र जनसुराज का अपहरण कर लिया। आरोपी और पीड़ित परिवार के घरों के बीच महज करीब 200 मीटर की दूरी है।

पूछताछ में कबूला जुर्म

गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया। धर्मेंद्र कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने मासूम को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। बच्चे के सकुशल मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस सफल अभियान में राजगीर अंचल के इंस्पेक्टर संजय कुमार, राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार, डीआईयू इंस्पेक्टर आलोक कुमार, छबीलापुर थानाध्यक्ष अनोज कुमार पाठक, पुलिस पदाधिकारी उत्तम कुमार झा, राजेश कुमार तथा छबीलापुर थाना के सशस्त्र बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस टीम को मिलेगा सम्मान

राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सफल ऑपरेशन के लिए पुलिस टीम के सदस्यों को सम्मानित करने हेतु पुलिस अधीक्षक को अनुशंसा भेजी जाएगी। साथ ही मामले में अन्य संभावित लोगों की संलिप्तता की भी जांच जारी है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *