भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय पदयात्रा नालंदा में शुरू, जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बुलंद हुई आवाज
बिहारशरीफ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ओर से केंद्र एवं बिहार सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में राष्ट्रीय पदयात्रा अभियान के तहत गुरुवार को नालंदा जिले के रहुई प्रखंड से पदयात्रा की शुरुआत की गई।
जिला सचिव राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि पदयात्रा का नेतृत्व उन्होंने, जिला कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनोज कुमार तथा अंचल मंत्री सकलदेव प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से किया। पदयात्रा रहुई प्रखंड के कादी बीघा, घमासन, धमोली, दोसूट एवं देव बीघा गांवों से होकर गुजरी।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाए। प्रमुख मांगों में 1 सितंबर को “दिल्ली चलो–बदलाव जरूरी है” अभियान को सफल बनाने, अमेरिका से कृषि समझौता वापस लेने, बीज अधिनियम वापस लेने, नया बिजली बिल वापस लेने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन ₹5000 प्रतिमाह करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने, सभी बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, राम मंदिर डकैती कांड के आरोपियों को कड़ी सजा देने तथा बिहार में विधि-व्यवस्था बहाल करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।

पदयात्रा के दौरान घमासन एवं धमोली गांवों में ग्राम गोष्ठियों का भी आयोजन किया गया। घमासन में रामशरण राम, केदार राम, भगवान पासवान, अखिलेश पंडित, रवि पासवान, देवी कुमार, गोलू कुमार, चंद्रवंशी राजकुमार पासवान, रिशु कुमार पासवान एवं रवि चंद्रवंशी सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे।
वहीं धमोली में आयोजित गोष्ठी में भुवनेश्वर पंडित, जयद्रथ यादव, नगीना यादव, उमाकांत प्रसाद सहित अन्य ग्रामीणों ने भाग लिया। पदयात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में स्थानीय लोगों ने कार्यकर्ताओं का स्वागत किया तथा अभियान को अपना समर्थन भी दिया।
कार्यक्रम के अंत में अंचल मंत्री सकलदेव प्रसाद यादव के आवास पर पदयात्रा में शामिल साथियों ने सामूहिक भोजन किया। साथ ही, पदयात्रा दल ने रात्रि विश्राम भी वहीं करने का निर्णय लिया।
