श्रमजीवी एक्सप्रेस में गर्भवती ने जुड़वां बच्चों को दिया जन्म, बिहारशरीफ स्टेशन पर किन्नरों ने कराई सुरक्षित डिलीवरी

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चलती ट्रेन में हुआ पहले बच्चे का जन्म, प्लेटफॉर्म पर दूसरे शिशु का हुआ प्रसव; नवजात बच्ची एनआईसीयू में भर्ती

बिहारशरीफ। दिल्ली से राजगीर लौट रही श्रमजीवी एक्सप्रेस में गुरुवार को एक गर्भवती महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। पहला शिशु चलती ट्रेन में जन्मा, जबकि दूसरे बच्चे का जन्म बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुआ। प्रसव के दौरान स्टेशन पर मौजूद किन्नरों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए महिला की मदद की। मां और नवजात बेटा स्वस्थ हैं, जबकि नवजात बच्ची की हालत नाजुक होने के कारण उसे सदर अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, राजगीर थाना क्षेत्र के अमावा गांव निवासी सिम्पू देवी अपने पति दशरथ और दो बच्चों के साथ बुधवार को दिल्ली से श्रमजीवी एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार होकर घर लौट रही थीं। दशरथ दिल्ली में मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार को लगा था कि प्रसव में अभी समय है, इसलिए वे पत्नी को साथ लेकर रवाना हुए थे।

दशरथ ने बताया कि बिहारशरीफ स्टेशन से करीब 10 किलोमीटर पहले वेना स्टेशन के पास उनकी पत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई और चलती ट्रेन में ही उसने पहले बच्चे को जन्म दे दिया। इसकी सूचना यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), टीटीई और बिहारशरीफ स्टेशन मास्टर को दी, जिसके बाद स्टेशन पर एंबुलेंस की व्यवस्था कराई गई।

बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन पहुंचते ही महिला को दोबारा प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ही वह लेट गई, लेकिन वहां मौजूद लोगों की भीड़ तमाशबीन बनी रही। इसी दौरान स्टेशन पर मौजूद किन्नरों का एक समूह आगे आया। उन्होंने महिला को कपड़ों से ढंककर सुरक्षित प्रसव कराया और दूसरे बच्चे का जन्म हुआ।

किन्नर समुदाय की एक सदस्य ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। ऐसे में उन्होंने अपने साथियों के साथ महिला की सहायता की और तुरंत एंबुलेंस बुलाकर जच्चा-बच्चा को अस्पताल भेजवाया।

एंबुलेंस कर्मी असगर ने बताया कि कॉल सेंटर से स्टेशन पर गंभीर प्रसव मामले की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर किन्नरों की मदद से महिला और दोनों नवजातों को बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचाया गया।

सदर अस्पताल के चिकित्सकों की देखरेख में मां और दोनों बच्चों का इलाज चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मां और नवजात बेटा स्वस्थ हैं, जबकि प्लेटफॉर्म पर जन्मी बच्ची की हालत नाजुक होने के कारण उसे एनआईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

इस घटना के बाद संकट की घड़ी में किन्नर समुदाय द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और मानवता की जिलेभर में सराहना हो रही है। कई लोगों ने कहा कि जब अधिकांश लोग मूकदर्शक बने रहे, तब किन्नरों ने आगे बढ़कर मां और नवजातों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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