झमाझम बारिश से हरनौत के कन्या मध्य विद्यालय में घुसा पानी, जर्जर भवन में टपकती छत के बीच पढ़ाई करने को मजबूर छात्राएं
करीब 300 छात्राओं के नामांकन वाले विद्यालय में बारिश बनी मुसीबत, प्रधानाध्यापिका ने भवन मरम्मत व जलनिकासी की व्यवस्था कराने की उठाई मांग
हरनौत प्रखंड क्षेत्र में बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने जहां लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं कई जगहों पर जलजमाव की समस्या भी उत्पन्न हो गई। सबसे अधिक परेशानी हरनौत बाजार के बीच स्थित कन्या मध्य विद्यालय में देखने को मिली, जहां तेज बारिश का पानी विद्यालय परिसर और कमरों में प्रवेश कर गया। इसके कारण छात्राओं का पठन-पाठन प्रभावित हो गया और शिक्षकों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
दोपहर करीब 2:15 बजे विद्यालय की प्रधानाध्यापिका महारानी देवी ने बताया कि विद्यालय लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। विद्यालय भवन काफी जर्जर हो चुका है। बारिश होने पर छत से लगातार पानी टपकता है और परिसर में जलजमाव हो जाता है। बुधवार की बारिश के दौरान पानी कमरों तक पहुंच गया, जिससे बच्चों को बैठकर पढ़ाई करना मुश्किल हो गया।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में लगभग 300 छात्राओं का नामांकन है, जबकि प्रतिदिन 200 से अधिक छात्राएं नियमित रूप से विद्यालय आती हैं। लेकिन पर्याप्त कक्षाओं का अभाव और जर्जर भवन के कारण बरसात के दिनों में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है। कई कमरों की छत से पानी टपकने के कारण बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाकर पढ़ाना पड़ता है।
प्रधानाध्यापिका ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में भी विद्यालय परिसर में पानी भर जाता है। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है।
बारिश के दौरान विद्यालय पहुंचे अभिभावकों ने भी जर्जर भवन और जलजमाव की समस्या पर चिंता जताई। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में बच्चों का पढ़ाई करना कठिन हो जाता है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रधानाध्यापिका महारानी देवी ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से विद्यालय भवन की शीघ्र मरम्मत, अतिरिक्त कक्षों के निर्माण तथा परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के पूरे मौसम में छात्राओं की पढ़ाई लगातार प्रभावित होती रहेगी।
स्थानीय लोगों ने भी शिक्षा विभाग से इस विद्यालय की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने और छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
