बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
एमएसएमई के माध्यम से तैयार किए जा रहे 45 हजार उद्यमी, उद्योगों में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बापू सभागार में उद्योग विभाग की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभुकों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रथम किस्त की राशि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के माध्यम से राज्य में 45 हजार उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। इससे लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने और रोजगार के अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि बिहार के प्रत्येक जिले में एमएसएमई केंद्र खोले गए हैं, ताकि उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने और आगे बढ़ाने में सहायता मिल सके।

उन्होंने कहा कि राज्य में निर्मित वस्तुओं को प्रोत्साहन देने के लिए सरकारी खरीद में 25 से 40 प्रतिशत तक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों और राज्य के उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 20 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के माध्यम से नए उद्यमियों को प्रोत्साहित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
