वायरल वीडियो और CCTV से खुला राजगीर कांड का राज, राजगीर मॉब लिंचिंग केस में 4 गिरफ्तार, अन्य आरोपितों की तलाश तेज
बिहारशरीफ, संवाददाता। राजगीर थाना कांड संख्या 411/26 एवं 412/26 में नालंदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने अब तक चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक नालंदा के निर्देश पर गठित एसआईटी ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान पहले एक अभियुक्त की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीन अन्य आरोपितों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ तथा तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर घटना में संलिप्त अन्य तीन से चार व्यक्तियों की पहचान भी कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपितों में सिलाव थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी संतू राम, छबिलापुर थाना क्षेत्र के मेयार गांव निवासी विवेक प्रसाद तथा शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र स्थित रजौरा गांव निवासी मणि कुमार शामिल हैं। एक अन्य आरोपित को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
नालंदा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि घटना से संबंधित मारपीट के वीडियो अथवा अन्य संवेदनशील सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा या वायरल न करें। पुलिस की सोशल मीडिया सेल विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रख रही है और संबंधित वीडियो को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी आरोपितों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। नालंदा पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले के अनुसंधान में तेजी से प्रगति हो रही है और शेष आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
