विधायक डॉ. सुनील कुमार के पिता स्व. भागवत प्रसाद की पाँचवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित
बिहारशरीफ, नालंदा।
बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. सुनील कुमार जी के पूज्य पिता स्व. भागवत प्रसाद जी की पाँचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज सोहसराय स्थित विधायक कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं एनडीए के कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं समाज के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
श्रद्धांजलि सभा में नालंदा के माननीय सांसद श्री कौशलेंद्र कुमार जी, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील कुमार जी, एनडीए के जिला अध्यक्षगण तथा अनेक सम्मानित जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने स्व. भागवत प्रसाद जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके जीवन से जुड़ी स्मृतियों को नमन किया।

स्व. भागवत प्रसाद जी का जीवन धार्मिक आस्था, सामाजिक सरोकारों और लोककल्याण की भावना से प्रेरित रहा। उन्होंने समाज में आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया। बड़ी पहाड़ी स्थित शिव मंदिर के निर्माण में उनकी भूमिका तथा विभिन्न मंदिरों के निर्माण एवं धार्मिक स्थलों की सेवा से जुड़े उनके कार्य उनकी आस्था और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।
धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं सेवा के माध्यम से उन्होंने लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने, आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने तथा सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा दी। उनके ऐसे कार्य केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे समाज में श्रद्धा, सद्भाव और सेवा-भावना को बढ़ावा देने की उनकी सोच को भी प्रतिबिंबित करते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए प्रार्थना की तथा शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान विधायक डॉ. सुनील कुमार जी ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने पूज्य पिताजी की पुण्य स्मृतियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों, संस्कारों और समाजसेवा की भावना को सदैव सम्मानपूर्वक स्मरण करने का भाव व्यक्त किया।
