501 कलश के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, आज से शुरू होगा 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन
विष्णुधाम नदी से पवित्र जल लेकर बजरंगबली मंदिर पहुंचे श्रद्धालु, 3 जुलाई को होगा महाभंडारा
गिरियक (नालंदा), संवाददाता। गिरियक प्रखंड के रैतर गांव में बुधवार को धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। धार्मिक अनुष्ठान के तहत 501 कलश के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिला-पुरुष, युवतियों और बच्चियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
श्रद्धालुओं ने गिरियक स्थित विष्णुधाम नदी से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरकर कलश यात्रा निकाली। यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए रैतर गांव स्थित बजरंगबली मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ कलश की स्थापना की गई। पूरे मार्ग में “हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे” के जयघोष, भजन और कीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
धार्मिक अनुष्ठान का संचालन धनंजय पाठक, कमलेश पांडे तथा पुजारी अजय कुमार एवं उनकी पत्नी ममता देवी के सान्निध्य में कराया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजे से 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन प्रारंभ होगा। इसके उपरांत 3 जुलाई को सुबह 10 बजे अखंड हरिकीर्तन की पूर्णाहुति होगी। इसी दिन हवन-पूजन के बाद महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आसपास के गांवों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई थी। रैतर गांव के समाजसेवी मुनेश्वर प्रसाद, राजेश कुशवाहा, मनोज साव एवं अजीत साव ने महिलाओं और बच्चियों के लिए फल, जलपान, गाजा-बाजा तथा भजन-कीर्तन मंडली की व्यवस्था कराई। वहीं रामानंद सागर ने पेयजल के लिए पानी का टैंकर उपलब्ध कराया, जबकि सागर कुमार ने घोड़े और बैंड-बाजे की व्यवस्था कर शोभायात्रा को और अधिक आकर्षक एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया।
धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे रैतर गांव में उत्साह, श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई।
