मलमास मेला 2026 के सफल संचालन पर वन विभाग के अधिकारियों व कर्मियों को मिली प्रशंसा
राजगीर/नालंदा। मलमास मेला 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण संचालन में वन विभाग की उत्कृष्ट भूमिका को लेकर मुख्य वन संरक्षक, पटना डॉ. नेशामनी के. ने विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं वनकर्मियों की सराहना की। उन्होंने मेले के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके सेवा-भाव, समर्पण एवं अनुशासन की प्रशंसा की।
मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि मेले की अवधि में विभाग के सभी कर्मियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को सौंपे गए सभी कार्यों का सफल निष्पादन सुनिश्चित हो सका। उन्होंने विशेष रूप से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और सहयोग में योगदान देने वाले कर्मियों की सराहना की।
इस अवसर पर जू सफारी के सफारी बस चालकों को सम्मानित किया गया तथा उनके बीच जूतों का वितरण भी किया गया। डॉ. नेशामनी के. ने कहा कि यह पहल सेवा-भावना के साथ-साथ समाज के प्रति वन विभाग की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि मलमास मेला के दौरान वन विभाग से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई, जो विभाग की कार्यकुशलता एवं समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय राजगीर जू सफारी के निदेशक श्री राम सुन्दर एम तथा नालंदा वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री राजकुमार एम. के कुशल नेतृत्व एवं प्रभावी समन्वय को दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक, राजगीर जू सफारी श्री राम सुन्दर एम ने बताया कि मलमास मेला 2026 के दौरान जू सफारी एवं नेचर सफारी में लगभग 65 हजार पर्यटकों ने भ्रमण किया। पर्यटकों की सुविधा के लिए जरादेवी मंदिर से जू सफारी तक विशेष शटल सेवा संचालित की गई, जिससे 8,696 पर्यटकों को लाभ मिला। इसके अलावा मेडिकल कियोस्क, पेयजल, शेड, टूरिस्ट सूचना केंद्र तथा शौचालय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
उन्होंने बताया कि जू सफारी एवं नेचर सफारी के अलावा वेणुवन, जयप्रकाश उद्यान, सोनभंडार, गृद्धकूट भवन एवं घोड़ाकटोरा में कार्यरत कर्मियों ने भी पर्यटकों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में वन विभाग एवं जू सफारी के कई अधिकारी, पशु चिकित्सा पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में वनकर्मी उपस्थित रहे।
