मलमास मेला में प्रशासनिक व्यवस्था की मिसाल, बिछुड़ी बच्ची मिली परिवार से, खोया सामान लौटाया गया, 92 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को मिली स्वास्थ्य सुविधा
राजगीर, नालंदा। राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। मेले में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा मित्रों एवं पुलिस बल की सक्रियता के कारण श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मेला के दौरान पटना जिले के दनियावां थाना क्षेत्र के निमी गांव निवासी तीन वर्षीय रानी कुमारी अपने परिवार से बिछुड़ गई थी। ब्रह्मकुंड के समीप स्थित कंट्रोल रूम की तत्परता एवं प्रशासनिक प्रयासों से बच्ची को सकुशल उसके परिजनों से मिलवा दिया गया। परिवार ने जिला प्रशासन के इस मानवीय प्रयास की सराहना की।
वहीं अररिया निवासी सुरेन्द्र कुमार देव ब्रह्मकुंड में स्नान के दौरान अपना बैग खो बैठे थे। कुंड पर तैनात आपदा मित्र प्रिया रंजन कुमार ने तत्परता दिखाते हुए बैग को सुरक्षित बाहर निकालकर कंट्रोल रूम में जमा कराया। सत्यापन के बाद बैग में मौजूद आधार कार्ड, एटीएम कार्ड एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों सहित कीमती सामान को उनके मालिक को सौंप दिया गया। इसी प्रकार रात्रि में स्नान के दौरान एक श्रद्धालु का स्मार्टफोन ब्रह्मकुंड में गिर गया था, जिसे आपदा मित्रों ने खोजकर वापस कर दिया। एक अन्य मोबाइल फोन भी कुंड से बरामद कर कंट्रोल रूम में जमा कराया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ब्रह्मकुंड क्षेत्र में दिव्यांगजन, वृद्धजन एवं महिला-पुरुष श्रद्धालुओं को व्हीलचेयर के माध्यम से लगातार सहायता प्रदान की जा रही है। आपदा मित्र पूरी निष्ठा एवं सेवा भावना के साथ श्रद्धालुओं की मदद में जुटे हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था की गई है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर मेला क्षेत्र में 27 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में 354 चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों के साथ 15 एंबुलेंस की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही 24 घंटे स्वास्थ्य प्रबंधक भी तैनात हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 13 जून 2026 तक मेला क्षेत्र के स्वास्थ्य शिविरों में 48,110 पुरुष एवं 43,681 महिला श्रद्धालुओं सहित कुल 92,022 लोगों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया है। इनमें से 231 महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल रेफर किया गया। डीपीएम की निगरानी में स्वास्थ्य विभाग लगातार श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
उधर, मेला क्षेत्र एवं ब्रह्मकुंड परिसर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्नान के दौरान अपने कीमती सामान एवं आवश्यक दस्तावेजों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
मलमास मेला में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन एवं आपदा मित्रों के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी श्रद्धालुओं द्वारा लगातार सराहना की जा रही है।
