दुर्गापूजा को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, सभी पूजा पंडालों में सीसीटीवी अनिवार्य, डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
शांति समिति की बैठक में विधि-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और विसर्जन की तैयारियों की समीक्षा; अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
बिहारशरीफ (नालंदा), 10 अक्टूबर 2026। दुर्गापूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री हृदयकांत की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था, पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सोशल मीडिया की निगरानी तथा मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी छोटे-बड़े पूजा पंडालों के लिए लाइसेंस लेना और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। वहीं, दुर्गापूजा के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली संभावित परेशानियों से अधिकारियों को अवगत कराया। सदस्यों के सुझावों पर चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
सभी पूजा पंडालों में लाइसेंस, सीसीटीवी और वीडियोग्राफी अनिवार्य
जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को निर्धारित नियमों एवं मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने का निर्देश दिया। जिले में स्थापित होने वाले सभी छोटे-बड़े पूजा पंडालों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने और वीडियोग्राफी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। पूजा समितियों को पंडालों में सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करने, प्रवेश एवं निकास द्वारों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने तथा रात के समय तैनात स्वयंसेवकों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मूर्ति विसर्जन के लिए मार्ग एवं समय का पूर्व निर्धारण करने और इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी, सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने, नियमित फ्लैग मार्च निकालने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस गश्ती बढ़ाने को कहा गया। असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक, आपत्तिजनक और अफवाह फैलाने वाली सूचनाओं पर भी विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों को ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया। इसके अलावा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार निगरानी रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, अग्निशमन और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था जरूरी
बैठक में दुर्गापूजा के दौरान डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात स्पष्ट रूप से कही गई। पूजा पंडालों में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम करने, सुरक्षित प्रवेश एवं निकास मार्ग उपलब्ध कराने और प्रसाद वितरण के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने का निर्देश दिया गया। पंडालों में विद्युत तारों की सुरक्षा, पर्याप्त रोशनी तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
प्रशासन ने पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने और किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
विसर्जन स्थलों पर रोशनी, बैरिकेडिंग और गोताखोरों की होगी व्यवस्था
मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। सभी निर्धारित विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, जलाशयों एवं अन्य विसर्जन स्थलों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
विसर्जन के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।
शांति समिति के सदस्यों ने उठाईं स्थानीय समस्याएं
बैठक में जिला शांति समिति के सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया और दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सदस्यों ने पूजा पंडालों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, सुचारु यातायात, पर्याप्त रोशनी, सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल और शौचालय की व्यवस्था तथा खुले विद्युत तारों से सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए रात में ठहरने की व्यवस्था करने तथा प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाने का सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा उचक्कों, मनचलों और नशे की हालत में उत्पात मचाने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखने की बात कही गई।
सदस्यों ने ई-रिक्शा के कारण उत्पन्न होने वाले जाम की समस्या का समाधान करने, पूजा पंडालों में लगे सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों को आवागमन योग्य बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रशासन ने सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित विभागों को जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा- शांतिपूर्ण और सुरक्षित दुर्गापूजा प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने कहा कि दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों, पूजा समितियों, शांति समिति के सदस्यों और आम नागरिकों को आपसी समन्वय एवं सहयोग के साथ काम करना होगा। उन्होंने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाएं।
जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। यदि किसी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय स्थिति की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस प्रशासन रहेगा सतर्क और मुस्तैद : एसपी
पुलिस अधीक्षक श्री हृदयकांत ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्ती, फ्लैग मार्च, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने पूजा समितियों से सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा आम नागरिकों से शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।
बैठक में नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ सहित जिला शांति समिति के सदस्यगण एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
