डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान देश कभी नहीं भूल सकता : मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी
बिहारशरीफ (नालंदा)। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पर्व के अवसर पर रविवार को जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के दीपनगर स्थित एक सभागार में भारतीय जनता पार्टी की ओर से जिला कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश कुमार ने की, जबकि मंच संचालन पूर्व विधानसभा प्रत्याशी वीरेंद्र गोप ने किया।
सम्मेलन में बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं खनन मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, पूर्व मंत्री डॉ. सुनील कुमार, भाजपा के प्रदेश महामंत्री सह क्षेत्रीय प्रभारी डॉ. प्रीति शेखर तथा सह प्रभारी बलराम मंडल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अपने संबोधन में मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी धर्म के आधार पर देश के विभाजन के विरोधी थे और जम्मू-कश्मीर में लागू विशेष व्यवस्था का उन्होंने सशक्त विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब जम्मू-कश्मीर जाने के लिए देश के नागरिकों को परमिट लेना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों के कारण जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू हुआ, जिसके तहत वहां अलग संविधान, अलग झंडा और अलग प्रधानमंत्री की व्यवस्था थी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका विरोध करते हुए “एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” का नारा दिया।

मंत्री ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान डॉ. मुखर्जी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जहां 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि उनकी मृत्यु को लेकर आज भी कई सवाल उठते हैं और इतिहास इसका उत्तर मांगता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री थे, लेकिन जब उन्हें लगा कि सरकार राष्ट्रीय हित और भारतीय संस्कृति के अनुरूप कार्य नहीं कर रही है, तब उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के संघर्ष और बलिदान के कारण ही जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना रहा। उन्होंने कहा कि आज देश में जो राष्ट्रीय एकता और अखंडता का वातावरण दिखाई देता है, उसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम को पूर्व मंत्री डॉ. सुनील कुमार, प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर तथा अन्य नेताओं ने भी संबोधित करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सुधीर कुमार, रुचि श्रीवास्तव, अमित पासवान, अमरकांत भारती, डॉ. आशुतोष कुमार, अमरेश कुमार, अधिवक्ता रणविजय सिंह, तेजस्विता राधा, महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष अनिता कुमारी, रीना सिन्हा, प्रविला देवी, पूर्व जिलाध्यक्ष रामसागर सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
