त्रैमासिक परीक्षा शुरू, मलमास मेला में उत्कृष्ट सेवा देने वाली छात्राएं हुईं सम्मानित
आरजीएल उच्च विद्यालय छबीलापुर में चेतना सत्र के दौरान प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया गया छात्राओं का उत्सा
बिहारशरीफ, संवाददाता। नालंदा जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9वीं, 10वीं एवं 12वीं की त्रैमासिक परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हो गई। परीक्षा के पहले दिन विद्यालयों में चेतना सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया।
इसी क्रम में आरजीएल उच्च विद्यालय, छबीलापुर (बिहारशरीफ) में आयोजित चेतना सत्र के दौरान राजगीर मलमास मेला में श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं असहाय लोगों की सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाली छात्राओं को विद्यालय परिवार की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि इन छात्राओं ने सेवा, अनुशासन और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सम्मानित छात्राओं में मुस्कान कुमारी, सानिया कुमारी, रिया कुमारी, सुप्रिया कुमारी, साक्षी कुमारी, बबली कुमारी, अंशु कुमारी, प्रियांशु कुमारी, स्वाति कुमारी, कोमल कुमारी, सलोनी कुमारी, सोनम कुमारी एवं शिवानी कुमारी शामिल हैं।

प्रशस्ति पत्र प्रभारी प्रधानाध्यापक ओंकार देव आर्य, मेंटोर शिक्षक अजय कुमार, कुंज बिहारी कुंजेश, भारत स्काउट एवं गाइड नालंदा के जिला कोषाध्यक्ष महेश कुमार, समन्वयक सुनील कुमार, जिला प्रशिक्षक शशिपाल कुमार, स्काउट कैप्टन सीमा कुमारी, गाइड कैप्टन हेमा कुमारी तथा स्काउट-गाइड शिक्षक अशोक कुमार ने संयुक्त रूप से प्रदान किए।
इस अवसर पर शंकर कुमार, संजीत कुमार, सुजीत कुमार, सुरजीत कुमार राणा, हिंदी शिक्षक अजय कुमार, रौशन कुमार सिंह, मोहम्मद आफताब आलम, कल्पना, रेखा, शिखा कुमारी, राखी कुमारी, सोनल, साक्षी, सीमा कुमारी, धीरज कुमार एवं शिशुपाल पांडे सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे और छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
चेतना सत्र का संचालन मेंटोर शिक्षक अजय कुमार ने किया। उन्होंने 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (डॉक्टर्स डे) के अवसर पर देश के सभी चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण और सेवा भावना की सराहना की।
अपने संबोधन में प्रभारी प्रधानाध्यापक ओंकार देव आर्य ने कहा कि त्रैमासिक परीक्षा विद्यार्थियों के शैक्षणिक मूल्यांकन का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त बनाने के लिए सभी विद्यार्थियों से ईमानदारी के साथ परीक्षा देने की अपील की तथा परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की जानकारी देते हुए निर्धारित नियमों का पालन करने का निर्देश दिया।
