नगरनौसा डिग्री कॉलेज विवाद ने लिया हिंसक रूप, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में पथराव, 48 गिरफ्तार
नगरनौसा (नालंदा), संवाददाता। नगरनौसा डिग्री कॉलेज की शिफ्टिंग को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और स्थानीय लोगों की पुलिस से भिड़ंत हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। मामले में पुलिस ने अब तक 48 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, एसएफआई की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी के आह्वान पर स्थानीय छात्रों एवं विभिन्न संगठनों ने नगरनौसा में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से ही तैनात था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एहतियातन कुछ नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान दोनों ओर से काफी देर तक पथराव होता रहा। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने उपद्रव में शामिल 48 लोगों को गिरफ्तार किया है तथा अन्य की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
लंबे समय से चल रहा है कॉलेज को लेकर विवाद
नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग कई वर्षों से की जा रही है। हालांकि अब तक कॉलेज की स्थायी इमारत का निर्माण नहीं हो सका है। बीते 11 मई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. संजय कुमार को कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया था। इसके बाद लोदीपुर स्थित परिसर से कॉलेज का संचालन शुरू किया गया।
कॉलेज के लोदीपुर में संचालन शुरू होने के बाद 20 मई को पहली बार युवाओं ने चक्का जाम किया था। इसके अगले दिन 21 मई से प्रखंड कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया। वहीं 30 मई को भी बस स्टैंड के समीप सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया था।
दो खेमों में बंटे लोग
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कॉलेज का संचालन नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय से शुरू किया जाए तथा मुख्यालय के आसपास उपलब्ध सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर वहां स्थायी भवन का निर्माण कराया जाए।
वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और छात्रों का एक बड़ा वर्ग लोदीपुर में ही कॉलेज संचालन के पक्ष में है। उनका कहना है कि लोदीपुर स्थित परिसर में 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि उपलब्ध है तथा कॉलेज संचालन के लिए 20 पक्के कमरे भी मौजूद हैं। समर्थकों का तर्क है कि बेहतर आधारभूत संरचना होने के कारण कॉलेज को दूसरी जगह स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा।
स्थिति नियंत्रण में : डीएसपी
हिलसा डीएसपी-1 शैलजा ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उपद्रव और रोड़ेबाजी की घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस लगातार वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
