फेसबुक-इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर छात्रा का यौन शोषण, दोषी को 20 वर्ष की सजा
बिहारशरीफ, संवाददाता।
सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रा से दोस्ती कर अश्लील तस्वीरों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने के मामले में बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय ने दोषी को कठोर सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ सह पॉक्सो विशेष न्यायाधीश प्रकाश कुमार सिंहा की अदालत ने तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र के लाल बिगहा निवासी ईसान राज को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला दीपनगर थाना कांड संख्या-08/2023 तथा पॉक्सो वाद संख्या-03/2023 से संबंधित है। अपर लोक अभियोजक जगत नारायण सिंहा ने बताया कि घटना की शुरुआत नवंबर 2022 में हुई थी।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता से दोस्ती की थी। समय के साथ दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। इसी दौरान आरोपी ने छात्रा की अश्लील तस्वीरें प्राप्त कर लीं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि तस्वीरें सार्वजनिक करने का भय दिखाकर आरोपी छात्रा को विभिन्न होटलों में ले गया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया। बाद में वीडियो को हटाने के नाम पर भी वह छात्रा को लगातार ब्लैकमेल करता रहा और संबंध बनाने का दबाव बनाता रहा।
पीड़िता लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना और भय के साए में जीती रही। जब स्थिति असहनीय हो गई तो उसने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद आरोपी ने उस पर शादी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उसने पीड़िता के पिता के एक मित्र के मोबाइल फोन पर अश्लील तस्वीरें और चैट भी भेज दीं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के पिता ने दीपनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस अनुसंधान के बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां पॉक्सो विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों की गवाही कराई गई। प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी ईसान राज को दोषी करार दिया।
सजा के बिंदु पर अपर लोक अभियोजक जगत नारायण सिंहा ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोरतम दंड देने की मांग की। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा धारा 354 के तहत तीन वर्ष का कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एक वर्ष का कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान रखा गया है।
न्यायालय ने आदेश दिया कि आरोपी को सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ (समानांतर रूप से) चलेंगी।
न्यायालय के इस फैसले को सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों के शोषण, ब्लैकमेलिंग तथा यौन अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण न्यायिक संदेश माना जा रहा है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर धमकी, ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण करने वाले अपराधियों के प्रति कानून सख्त रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
