गोनावा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर महिलाओं की जागरूकता रैली, सैकड़ों फलदार पौधों का किया गया रोपण
‘पेड़ लगाएं, जीवन बचाएं’ का दिया संदेश, जल-जीवन-हरियाली अभियान को मिला जनसमर्थन
हरनौत – हरनौत प्रखंड के गोनावा ग्राम पंचायत में रविवार को पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से महिलाओं ने भव्य जागरूकता रैली निकाली। ‘वृक्षारोपण सप्ताह : पेड़ लगाएं, जीवन बचाएं’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन शिव शिष्य हरि नांद्रानंद फाउंडेशन के तत्वावधान में नीलम दीदी के 74वें जन्मदिवस के अवसर पर किया गया।
रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे गोनावा गांव से शुरू हुई जागरूकता रैली में पंचायत क्षेत्र सहित आसपास के कई गांवों से शिव चर्चा से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं। सभी महिलाओं ने अपने हाथों में फलदार पौधे लेकर लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने, पर्यावरण संरक्षण करने तथा जल-जीवन-हरियाली अभियान को सफल बनाने का संदेश दिया।
रैली में गोनावा पंचायत के मुखिया अमरेश उपाध्याय भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
जागरूकता रैली गोनावा गांव से निकलकर राष्ट्रीय राजमार्ग-30ए होते हुए नजीब नगर गांव तक पहुंची। इसके बाद महिलाओं ने सड़क किनारे, अलंग तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सैकड़ों फलदार पौधों का रोपण किया। साथ ही पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान हरनौत थाना के एक दरोगा एवं पुलिस बल भी मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों ने रैली में शामिल होकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और पर्यावरण संरक्षण के इस जनअभियान की सराहना की।
इस अवसर पर पंचायत के सरपंच ललन कुमार, सीमा देवी, रुना देवी, रंजू कुमारी, आरती देवी, सोनी देवी, बेबी देवी, पूनम देवी, गीत देवी, नीरू देवी, नीतू देवी, बिन्नू कुमार, विक्की कुमार, प्रमोद कुमार सहित पंचायत के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उन्हें संरक्षित रखने का संदेश दिया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों से समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और हरित बिहार के निर्माण में जनभागीदारी बढ़ेगी।
