आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण को लेकर डीडीसी ने की भूमि की समीक्षा
एनओसी प्राप्त भूमि का भौतिक सत्यापन कर निर्माण योग्य जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश, लंबित भूमि के बदले वैकल्पिक जमीन चिन्हित करने को कहा
बिहारशरीफ। आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता को लेकर मंगलवार को उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए चिन्हित भूमि, प्राप्त एनओसी, भौतिक सत्यापन तथा निर्माण योग्य भूमि की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिन भूमि के लिए एनओसी प्राप्त हो चुकी है और उनका भौतिक सत्यापन भी पूरा कर लिया गया है तथा जो भवन निर्माण के लिए उपयुक्त पाई गई हैं, उन्हें आवश्यकता के अनुसार संबंधित निर्माण एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए संबंधित भूमि को मनरेगा एवं नाबार्ड के माध्यम से भवन निर्माण का कार्य करा रहे एलएईओ-1, बिहारशरीफ एवं एलएईओ-2, हिलसा को पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ ऐसी भूमि हैं, जिनका एनओसी प्राप्त होने के बावजूद वर्तमान में भवन निर्माण के लिए उपयोग किया जाना संभव नहीं है। ऐसी भूमि को विभिन्न श्रेणियों में चिह्नित करते हुए उनके स्थान पर अंचलाधिकारी के माध्यम से वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हित कर उसका प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि चयन एवं उपलब्धता की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं हो तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य को आगे बढ़ाया जाए।
बैठक में विभिन्न निर्माण एजेंसियों द्वारा जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराया जा रहा है, उसकी भी समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए सभी भवनों का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए।
बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस, निदेशक डीआरडीए, डीपीओ मनरेगा, एलएईओ-1 बिहारशरीफ तथा एलएईओ-2 हिलसा के कार्यपालक अभियंता सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
