नालंदा में अलग-अलग हादसों में छह लोगों की डूबने से मौत
जिउतिया पर्व पर नदी में नहाने के दौरान तीन बच्चों की गई जान, तालाब में डूबने से दंपती की मौत
बिहारशरीफ। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रविवार को नदी और तालाब में डूबने से छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन बच्चे, एक किशोर और एक दंपती शामिल हैं। जिउतिया पर्व के दौरान नदी में स्नान करने के क्रम में कई हादसे हुए, जिससे संबंधित गांवों में मातम पसर गया।
दीपनगर थाना क्षेत्र: बियावानी गांव में रविवार को मां के साथ पंचाने नदी में नहा रहे 14 वर्षीय मोहित राज की डूबने से मौत हो गई। बताया जाता है कि जिउतिया पर्व को लेकर मोहित अपनी मां के साथ नदी में स्नान करने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया। पास मौजूद ग्रामीणों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मृतक बियावानी गांव निवासी बताया गया है।
मानपुर थाना क्षेत्र: बिलासपुर गांव में रविवार को जिराइन नदी में डूबने से 12 वर्षीय पूनम कुमारी की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, बच्ची की मां जिउतिया पर्व कर रही थीं और बेटी के साथ नदी में स्नान करने गई थीं। इसी दौरान पूनम गहरे पानी में चली गई और डूब गई।
छबिलापुर थाना क्षेत्र: सरबहदी गांव में शनिवार की शाम मां के साथ नदी में स्नान करने के दौरान 10 वर्षीय हिमांशु राज की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
अस्थावां थाना क्षेत्र: शेरपुर गांव में रविवार को अहरा तालाब में डूबने से दंपती की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय नेत्रहीन धनकेश्वर मांझी और उनकी पत्नी धनकेसरी देवी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से दोनों के शव बरामद किए। थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
मानपुर थाना क्षेत्र: दरियापुर गांव के समीप रविवार को सकरी नदी में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान गया जिले के नीमचक बथानी थाना क्षेत्र के जगजीवनपुर गांव निवासी कारू पासवान के पुत्र रंजय कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि रंजय बचपन से ही अपने ननिहाल कबीरपुर गांव में रह रहा था। नदी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
लगातार हुए इन हादसों से मृतकों के परिवारों में मातम है। एक ही दिन में अलग-अलग स्थानों पर डूबने की घटनाओं ने पर्व के बीच कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
