बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार, ₹140.95 करोड़ के मेगा लेदर क्लस्टर का सीएम सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन

0
WhatsApp Image 2026-10-15 at 9.41.55 PM

2030 से पहले राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य, मुजफ्फरपुर-पटना-गया के बीच रैपिड रेल और 1,000 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की योजना

मुजफ्फरपुर, बिहार। बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल औद्योगिक क्षेत्र में ₹140.95 करोड़ की लागत से निर्मित मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर तथा साझा सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया। इस परियोजना से राज्य में चमड़ा, जूता और संबंधित उत्पादों के उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों को शेड एवं भूमि आवंटन पत्र वितरित किए। इसके साथ ही उद्योग विभाग और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य फुटवियर उद्योग के विकास और संबंधित क्षेत्र में कौशल एवं प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में सहयोग मजबूत करना है।

2030 से पहले बिहार में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने राज्य में औद्योगिक इकाइयों का व्यापक नेटवर्क विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 से पहले बिहार से बाहर मजदूरी करने जाने वाले लोगों को राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए उद्योगों के विस्तार और निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि युवाओं को अपने गृह राज्य में ही रोजगार मिल सके।

मेगा लेदर एवं फुटवियर क्लस्टर को इसी औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे चमड़ा और फुटवियर उद्योग से जुड़ी इकाइयों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संबंधित क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर से पटना और गया तक रैपिड रेल की योजना

मुख्यमंत्री ने राज्य में परिवहन सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर से पटना और पटना से गया तक रैपिड रेल चलाने की योजना पर काम किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य प्रमुख शहरों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में पहल करना है।

2030 से पहले 1,000 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करने का लक्ष्य

बिहार में डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र के विकास को लेकर भी सरकार ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2030 से पहले राज्य में 1,000 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करने की योजना है। इससे राज्य में डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार और तकनीकी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।

मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर का उद्घाटन, औद्योगिक इकाइयों को भूमि एवं शेड आवंटन और FDDI के साथ समझौता बिहार में उद्योगों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकार की इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *