जमीन के नाम पर 1.30 करोड़ की कथित ठगी, जेल में बंद डब्लू पर एक और प्राथमिकी दर्ज

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बिहारशरीफ (नालंदा)। करोड़ों रुपये की जमीन ठगी के मामले में न्यायिक हिरासत में बंद खाटू श्याम भक्त एवं धार्मिक प्रवचनकर्ता के रूप में पहचान रखने वाले नीतीश कुमार उर्फ डब्लू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब तीन करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में पहले से जेल में बंद डब्लू के खिलाफ अब नूरसराय थाना में जमीन बिक्री के नाम पर 1 करोड़ 30 लाख रुपये की कथित ठगी का एक और मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क की जांच की तैयारी में जुटी है।

प्राथमिकी के अनुसार, जयप्रकाशपुर निवासी प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया है कि डब्लू ने राष्ट्रीय उच्च पथ-20 के किनारे स्थित 10 डिसमिल जमीन को पूरी तरह विवादमुक्त बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया। इसके लिए उसने अपने सहयोगी शीतल प्रसाद को फर्जी तरीके से ‘जितेंद्र कुमार’ नाम से जमीन मालिक बताकर प्रस्तुत किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डब्लू ने अपने शोरूम में दोनों की मुलाकात कराई और एक हजार रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट कराया, जिसमें स्वयं डब्लू गारंटर बना।

पीड़ित के अनुसार, जमीन खरीदने के लिए अलग-अलग किस्तों में नकद और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 1 करोड़ 46 लाख रुपये का भुगतान किया गया। बाद में केवल 16 लाख रुपये वापस किए गए, जबकि शेष 1 करोड़ 30 लाख रुपये अब तक नहीं लौटाए गए और न ही जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जब लंबे समय तक रजिस्ट्री नहीं हुई तो उसने अपने स्तर पर जांच कराई। जांच में पता चला कि जिस व्यक्ति को जितेंद्र कुमार बताकर जमीन मालिक के रूप में पेश किया गया था, वह वास्तव में शीतल प्रसाद था। आरोप है कि उसने फर्जी पहचान बनाकर जमीन का सौदा किया। पीड़ित ने पुलिस को एग्रीमेंट से संबंधित दस्तावेजों के साथ-साथ पैसों के लेन-देन और बातचीत के ऑडियो एवं वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं।

उल्लेखनीय है कि इसी प्रकार के करीब तीन करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में डब्लू 13 जून से न्यायिक हिरासत में है। उसके सहयोगी शीतल प्रसाद को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान शीतल प्रसाद ने फर्जी पहचान अपनाकर सौदा करने की बात स्वीकार की थी।

नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि मामला गंभीर प्रकृति का है। आरोपी को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह और ठगी के अन्य मामलों का खुलासा किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस उपलब्ध कराए गए सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।

वहीं, पीड़ित प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया है कि प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद डब्लू की पत्नी ने फोन कर एफआईआर नहीं कराने का दबाव बनाया। पुलिस ने इस आरोप की भी जांच शुरू कर दी है।

इस मामले में नूरसराय थाना में बीएनएसएस की धारा 173 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2), 318(4) एवं 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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