18 साल में स्नातकों के लिए क्या किया? राजद प्रत्याशी दिलीप कुमार ने एमएलसी से मांगा फंड का हिसाब
बिहारशरीफ। पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर नालंदा में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से बिहारशरीफ में स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से महागठबंधन एवं स्नातक अधिकार मंच समर्थित राजद प्रत्याशी दिलीप कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी तैयारियों और मौजूदा एमएलसी के कार्यों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रखंड, पंचायत और गांव स्तर तक पहुंचकर स्नातक मतदाताओं से संपर्क करेगी।
दिलीप कुमार ने कहा कि वह पहले भी स्नातक कोटे से विधान परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं और पिछले कई वर्षों से स्नातकों के मुद्दों को लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि स्नातकों को मतदाता बनने के लिए जागरूक करने का अभियान चलाया गया, जिसके बाद नालंदा और नवादा में स्नातक मतदाताओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, वर्ष 2020 की तुलना में दोनों जिलों में स्नातक मतदाताओं की संख्या करीब दोगुनी हुई है।
‘स्नातकों के सवाल पर चर्चा दूसरे मुद्दों की ओर चली जाती है’
मौजूदा एमएलसी पर निशाना साधते हुए दिलीप कुमार ने कहा कि लंबे समय से स्नातक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे जनप्रतिनिधि से जब स्नातकों के हित और विकास से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं तो चर्चा दूसरे मुद्दों की ओर चली जाती है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज, उच्च विद्यालय और अन्य विकास कार्यों का हवाला दिया जाता है, लेकिन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में किए गए कार्यों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि 18 वर्षों के कार्यकाल में स्नातकों के लिए क्या किया गया और एमएलसी फंड का कितना इस्तेमाल हुआ, इसका हिसाब मतदाताओं के सामने रखा जाना चाहिए।
‘चापाकल और नाली के ढक्कन तक सीमित रहा फंड का इस्तेमाल’
दिलीप कुमार ने आरोप लगाया कि मौजूदा एमएलसी के कार्यकाल में फंड का इस्तेमाल स्नातकों से जुड़े मुद्दों के बजाय चापाकल लगवाने और नाली के ढक्कन जैसे कार्यों में किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पिछले वर्षों में किए गए कार्यों और फंड से जुड़े आंकड़े मौजूद हैं।
हालांकि, फंड के इस्तेमाल को लेकर लगाए गए ये आरोप राजद प्रत्याशी के बयान पर आधारित हैं और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबंधित मौजूदा एमएलसी का पक्ष सामने नहीं आया।
दिलीप कुमार ने कहा कि अब स्नातक मतदाता अपने जनप्रतिनिधि से उनके कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में रोजगार, स्नातकों के अधिकार, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
उन्होंने कहा कि राजद कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर स्नातक मतदाताओं से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे। दिलीप कुमार ने कहा कि स्नातक और युवा मतदाता अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुके हैं और इस बार चुनाव में स्नातकों से जुड़े सवाल प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
बैठक में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दिलीप कुमार तथा पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी संगठन को प्रखंड, पंचायत और गांव स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
