नालंदा में बड़ा हादसा: 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आई मजदूरों से भरी बस, दंपती की मौत, 10 से अधिक झुलसे
बिहारशरीफ/पावापुरी। नालंदा जिले के पावापुरी ओपी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दंपती की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायल मजदूरों का इलाज भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (VIMS), पावापुरी में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, पावापुरी थाना क्षेत्र के घोसरावां गांव निवासी मजदूर पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज स्थित चौतरवा गांव के एक ईंट-भट्ठे से काम कर स्लीपर बस से अपने घर लौट रहे थे। गांव से करीब दो किलोमीटर पहले साम्बोवशरण मंदिर के समीप बस की छत पर रखी साइकिल और लोहे की खटिया ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आ गई। इससे पूरी बस में करंट फैल गया और अफरातफरी मच गई।
हादसे में घोसरावां निवासी शंभु शरण (45) और उनकी पत्नी फूलो देवी (40) की मौत हो गई। वहीं पुटुस कुमारी, रिंकू देवी, कारु मांझी, संतोष मांझी, पवन मांझी, सरोज देवी, धर्मेंद्र मांझी, राज कुमार समेत कई अन्य लोग झुलस गए।
घायल संगीता देवी, पवन कुमार (16) और संतोष (21) ने बताया कि बस की छत पर रखी साइकिल और खटिया बिजली के तार में फंस गई थी। यात्रियों ने चालक को बस रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन बस आगे बढ़ने से तार टूट गया और पूरी बस में करंट दौड़ गया। इसके बाद यात्री जान बचाने के लिए बस से कूदने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि दो लोगों को मृत घोषित किया गया है, जबकि नौ घायलों का इलाज VIMS पावापुरी में किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
प्रशासन ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मृतकों के परिजनों को विभागीय प्रावधानों के तहत चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि विभाग की प्रारंभिक जांच में बिजली तार की ऊंचाई को मानक के अनुरूप बताया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
राजगीर डीएसपी ने बताया कि बस में करंट प्रवाहित होने के कारण दो लोगों की मौत हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें : –











