जमीन के नाम पर तीन करोड़ की ठगी के आरोप में जॉन डियर शोरूम संचालक गिरफ्तार
बिहारशरीफ। बिहारशरीफ शहर में जमीन बिक्री के नाम पर करीब तीन करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में लहेरी थाना पुलिस ने जॉन डियर ट्रैक्टर शोरूम के संचालक नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है।
लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि मामले में दर्ज प्राथमिकी और प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। आरोप है कि एनएच बाइपास स्थित सिपाह मौजा की 10 डिसमिल जमीन बेचने के नाम पर फर्जी दस्तावेज और फर्जी पहचान पत्र का उपयोग कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई।
ऐसे सामने आया मामला
रामचंद्रपुर (शिवपुरी) निवासी एवं पाल इलेक्ट्रिक के प्रोपराइटर बीरेंद्र प्रसाद ने 22 फरवरी 2026 को लहेरी थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, नीतीश कुमार ने उन्हें सिपाह मौजा में जितेंद्र प्रसाद के नाम की 10 डिसमिल जमीन दिखाकर सौदा तय कराया था। पीड़ित ने 26 मई 2024 को दो लाख रुपये अग्रिम राशि दी थी।
आरोप है कि 27 जनवरी 2026 को असली जमीन मालिक के स्थान पर एक अन्य व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से एग्रीमेंट कराया गया। इसके बाद बैंक खाते और चेक के जरिए कुल तीन करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।
नापी के दौरान खुला फर्जीवाड़ा
शिकायतकर्ता के अनुसार, 14 फरवरी 2026 को जब जमीन की नापी कराने पहुंचे तो असली मालिक के परिजनों ने बताया कि जमीन का कोई सौदा नहीं हुआ है और मालिक दिल्ली में रहते हैं। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पीड़ित का आरोप है कि 15 फरवरी को हुई पंचायत में आरोपित ने स्टांप पेपर पर तीन करोड़ रुपये प्राप्त करने की बात स्वीकार की थी, लेकिन दस्तावेज में राशि को जमीन बिक्री के बजाय कर्ज के रूप में दर्ज कर दिया गया।
संगठित गिरोह चलाने का आरोप
पीड़ित बीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि आरोपित नीतीश कुमार एक संगठित गिरोह चलाता है। उसने ठीक इसी जमीन की कहानी बनाकर एक अन्य व्यक्ति से भी 1.5 करोड़ रुपये ठगे हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपित ने शहर में खाटू श्याम बाबा मंदिर निर्माण के लिए आए करोड़ों रुपये के चंदे का भी गबन किया है और उसे अपने खाते में मंगवाया है। इसके अलावा, वर्ष 2010-12 के दौरान उसने अपने ही पावर टिलर शोरूम में आग लगाकर बीमा के पैसे ठगने का भी काम किया था। पुलिस पूरे मामले और आरोपित के पुराने रिकॉर्ड की सघन जांच कर रही है।
