मलमास मेला 2026 की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक पर विशेष जोर

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बिहारशरीफ/राजगीर: आगामी मलमास मेला 2026 के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में 9 मई 2026 को आरआईसीसी राजगीर में जिलाधिकारी कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक भारत सोनी की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ मेले की पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

विदित हो कि मलमास मेला 2026 का आयोजन 17 मई से 15 जून 2026 तक राजगीर में किया जाएगा। इस दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था के केंद्र ब्रह्मकुंड में स्नान एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं आवासन सहित तमाम व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन सेवाएं, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, शरण स्थली, शौचालय, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, साफ-सफाई, नियंत्रण कक्ष, हेल्प डेस्क, खानपान, हाई मास्ट लाइटिंग, ट्रैफिक चेक पोस्ट, बैरिकेडिंग, अग्निशमन सुरक्षा, मोबाइल शौचालय एवं श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित शुल्क पर बस और ई-रिक्शा सेवा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी अपने कार्यों का स्वयं निरीक्षण करें और समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करें। किसी प्रकार की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मलमास मेला को लेकर पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस बल, महिला पुलिस एवं स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से भीड़ पर सतत नजर रखी जाएगी। असामाजिक तत्वों पर भी प्रशासन की विशेष निगरानी रहेगी।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था एवं पार्किंग स्थलों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस, स्ट्रेचर, मेडिकल कैंप, आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

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श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सूचना केंद्र बनाए जाएंगे, जहां खोए हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने की व्यवस्था रहेगी। वहीं खानपान के लिए कैंटीन, दीदी की रसोई एवं सस्ती रोटी काउंटर की भी व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एआई काउंटर, मोबाइल एप एवं वेबसाइट की भी व्यवस्था की गई है।

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 19 टेंट सिटी एवं जर्मन हैंगर बनाए गए हैं, जहां आवासन, पेयजल, स्नानागार, शौचालय, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, सुरक्षा व्यवस्था तथा निःशुल्क जूता-चप्पल रखने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। रेलवे स्टेशन, मेला थाना, धुनीवर, बस स्टैंड, झुनकिया बाबा, ब्रह्मकुंड घाट, स्टेट गेस्ट हाउस, सैनिक स्कूल, महाराजा होटल, गढ़ महादेव, वैतरणी एवं पीएचईडी कैंपस के समीप वाटरप्रूफ यात्री शेड (टेंट सिटी) बनाए गए हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ब्रह्मकुंड में प्राकृतिक स्रोतों से आने वाली अविरल जलधारा को बनाए रखने के लिए आसपास के क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जाए। वहीं वैतरणी घाट की साफ-सफाई, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य को हर हाल में समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

शाही स्नान के दौरान होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास द्वारों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।

बैठक में जू सफारी निदेशक, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता राजस्व, वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित भवन, लघु सिंचाई, विद्युत, पीएचईडी, नगर परिषद एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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