‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत डीएम उदिता सिंह ने छात्राओं से किया सीधा संवाद
छेड़खानी की शिकायत पर डीएम ने लिया तत्काल संज्ञान, स्कूल के आसपास गश्त बढ़ाने का दिया निर्देश; छात्राओं को कराया गया प्रशासनिक कार्यालयों का भ्रमण
बिहारशरीफ (नालंदा), 24 अक्टूबर 2026। बालिकाओं के सशक्तिकरण, सर्वांगीण विकास और उन्हें सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में डी.पी. रॉय +2 हाई स्कूल, दीपनगर की छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान छात्राओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, जीवन की चुनौतियों का सामना करने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली समझने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही छात्राओं को विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों का व्यावहारिक भ्रमण भी कराया गया।
लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने से मिलेगी सफलता
संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपना परिचय देते हुए भविष्य की महत्वाकांक्षाओं को साझा किया। विद्यालय की छात्रा करिश्मा कुमारी ने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की और डीएम उदिता सिंह से उनकी सफलता, प्रशासनिक सेवा की शुरुआत तथा इस दौरान आई चुनौतियों के बारे में जानकारी मांगी।
छात्राओं को प्रेरित करते हुए डीएम ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और उसके अनुरूप पूरी लगन एवं एकाग्रता के साथ मेहनत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कठिनाइयां और असफलताएं जीवन का हिस्सा हैं। इनसे घबराने के बजाय अपनी गलतियों से सीख लेकर और अधिक मेहनत करनी चाहिए। सफलता के लिए निरंतर प्रयास और दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है।
मानसिक तनाव होने पर अपनी समस्या साझा करें छात्राएं
डीएम ने बच्चों और युवाओं में बढ़ते मानसिक दबाव तथा आत्महत्या जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्राओं को जीवन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी असफलता या पारिवारिक एवं सामाजिक दबाव के कारण निराश होने के बजाय अपनी समस्या को अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों के साथ साझा करना चाहिए। मानसिक तनाव की स्थिति में चुप रहने के बजाय समय पर मदद लेना जरूरी है।
छात्राओं को ‘पुलिस दीदी’ पहल की जानकारी देते हुए बताया गया कि वे अपनी सुरक्षा, परेशानी या किसी भी तरह के भय से जुड़ी समस्याओं को पुलिस दीदी के साथ बेझिझक साझा कर सकती हैं। इसका उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उन्हें गलत निर्णय लेने से बचने के लिए उचित मार्गदर्शन देना है।
छेड़खानी की शिकायत पर डीएम ने लिया संज्ञान
संवाद के दौरान छात्राओं ने विद्यालय के आसपास कुछ लड़कों द्वारा छेड़खानी किए जाने और परेशान करने की शिकायत की। छात्राओं ने बताया कि इस कारण उन्हें विद्यालय आने-जाने में असहजता और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम उदिता सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित नोडल पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के माध्यम से विद्यालय के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि छात्राओं को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
लोक शिकायत निवारण कार्यालय की कार्यप्रणाली समझी
डीएम के निर्देश पर छात्राओं को जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय का भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें बताया गया कि आम नागरिक बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति सहित विभिन्न सरकारी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन कर सकते हैं। अधिकारियों ने लोक शिकायत निवारण व्यवस्था की कार्यप्रणाली और निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी दी। छात्राओं को बताया गया कि संबंधित प्रावधानों के तहत कई मामलों में अधिकतम 60 कार्य दिवसों के भीतर समाधान का प्रावधान है।
वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को मिलने वाली सहायता की जानकारी
छात्राओं ने केंद्र प्रशासक पुष्पा पांडेय के नेतृत्व में वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें संकट में फंसी महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी गई।
छात्राओं को बताया गया कि हिंसा या उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा, मेडिकल जांच, मनोवैज्ञानिक परामर्श और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में केंद्र सहयोग करता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के माध्यम से पात्र पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा, जिन महिलाओं को तत्काल सुरक्षा की आवश्यकता होती है, उन्हें निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पांच दिनों तक अस्थायी आश्रय, भोजन और जरूरी सुविधाएं देने की व्यवस्था है।
पोषण, स्वच्छता और गुड टच-बैड टच के बारे में किया जागरूक
जिला प्रोग्राम कार्यालय (आईसीडीएस) में नोडल पदाधिकारी अर्चना कुमारी ने छात्राओं को संतुलित आहार, बेहतर स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने किशोरावस्था में उचित पोषण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
इस दौरान छात्राओं को सामाजिक अपराधों के प्रति सतर्क रहने, किसी भी गलत गतिविधि की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और समय रहते उसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह भी दी गई।
छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 शामिल हैं।
अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) अर्चना कुमारी, जिला मिशन समन्वयक राजीव कुमार, मनो-सामाजिक परामर्शी सिम्पी कुमारी, विद्यालय की प्राचार्या कुमारी रश्मि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी और छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में अर्चना कुमारी ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन की कामना की। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को न केवल अपने अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया गया।
