बिहार में पीपीपी मॉडल पर खुलेंगे ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज, सीएम सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की
मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज और विद्यार्थियों को सस्ती चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता; जिला अस्पतालों को आधुनिक बनाने और आयुर्वेदिक कॉलेज के विकास पर भी जोर
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों को सस्ती चिकित्सा शिक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस क्षेत्र में बिहार के निवेशकों और भागीदारी करने के इच्छुक बिहार के चिकित्सकों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को जनहित को सर्वोपरि रखकर कार्य करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालयों के अस्पतालों को आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और आम लोगों को सुलभ इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पटना स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल को आधुनिक बनाने तथा इसे देश के प्रमुख आयुर्वेद संस्थानों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इससे आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना और आम नागरिकों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
