सिपाही अजीत कुमार की मौत मामले का खुलासा, मद्यनिषेध विभाग की महिला दारोगा समेत 7 गिरफ्तार
शराब लदे पिकअप का पीछा करने के दौरान हुई थी फायरिंग, सिर में गोली लगने से हुई थी सिपाही की मौत; एसआईटी ने साक्ष्यों के आधार पर की कार्रवाई
नालंदा – जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र में शराब तस्करों का पीछा करने के दौरान हुई फायरिंग में एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले का पुलिस ने उद्भेदन करने का दावा किया है। इस मामले में मद्यनिषेध विभाग की महिला उपनिरीक्षक पुष्पा कुमारी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, तकनीकी, मानवीय और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की गई जांच में फायरिंग से संबंधित कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना 14 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10:30 बजे पावापुरी पुल से दक्षिण दिशा में दौलाचक गांव के पास एनएच-20 पर हुई थी। उस समय नालंदा मद्यनिषेध विभाग की टीम शराब लदे एक पिकअप वाहन का पीछा कर रही थी। इसी दौरान हुई फायरिंग में एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो के सिपाही अजीत कुमार के सिर में गोली लग गई। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पिकअप को रोकने के दौरान हुई फायरिंग
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, शराब लदे पिकअप वाहन को रोकने के लिए मद्यनिषेध उपनिरीक्षक पुष्पा कुमारी की गाड़ी गिरियक पुल पर खड़ी थी। इसी दौरान सिपाही अजीत कुमार ने बताया कि पिकअप वाहन पुल के नीचे से होकर गुजरेगा। इसके बाद टीम को पुल की विपरीत दिशा में जाकर नीचे की ओर बढ़ना पड़ा।
इसी बीच तेज गति से आ रहा पिकअप वाहन और एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो की धावा दल की काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी आमने-सामने आ गई। इसी दौरान फायरिंग की घटना हुई, जिसमें सिपाही अजीत कुमार को गोली लग गई। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जांच में इन तथ्यों का हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मद्यनिषेध उपनिरीक्षक पुष्पा कुमारी के आदेश पर बीएचजी जवान रिशु कुमार द्वारा फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। जांच में तीन राउंड फायर किए जाने और दो राउंड मिसफायर होने की जानकारी भी मिली है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटना से संबंधित काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी, दो मिसफायर राउंड, फायरिंग से संबंधित खोखा और बीएचजी जवान दीनानाथ की 303 राइफल जब्त की है। जब्त वाहन और उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों की एफएसएल टीम से वैज्ञानिक जांच भी कराई गई है।
महिला दारोगा समेत सात गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगीर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। टीम ने संबंधित कर्मियों से पूछताछ, हथियार और एम्युनिशन की जांच तथा तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपितों में शामिल हैं:
पुष्पा कुमारी — मद्यनिषेध उपनिरीक्षक।
अनूप कुमार — मद्यनिषेध सिपाही।
रिशु कुमार — बीएचजी जवान।
दीनानाथ — बीएचजी जवान।
सन्नी कुमार — बीएचजी जवान।
गौरव उर्फ निशांत — निजी चालक, थाना खाजेकलां, जिला पटना।
शंकर कुमार — थाना रामकृष्ण नगर, जिला पटना।
एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित हुई थी एसआईटी
इस मामले के उद्भेदन के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व राजगीर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजीत कुमार गुप्ता ने किया। टीम में गिरियक अंचल के पुलिस निरीक्षक सुमन्त कुमार, गिरियक थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक श्रीकांत कुमार, तकनीकी शाखा के पुलिस निरीक्षक आलोक कुमार एवं चंदन कुमार, सरमेरा थानाध्यक्ष साकेन्द्र कुमार बिन्द, कतरीसराय थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह शामिल थे।
नालंदा पुलिस के अनुसार, मामले में उपलब्ध तकनीकी, मानवीय और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
