शराब तस्करों ने पीछा कर रही पुलिस टीम पर की फायरिंग, सिर में गोली लगने से सिपाही की मौत
झारखंड से लाई जा रही थी शराब की बड़ी खेप पावापुरी-गिरियक इलाके में वारदात; एसपी ने घटनास्थल का लिया जायजा
नालंदा – बिहार के नालंदा जिले में शराब तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पकड़े जाने के डर से उन्होंने पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर दी। इस दौरान सिर में गोली लगने से मद्य निषेध विभाग के सिपाही अजीत कुमार (30) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए पावापुरी स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर है। वहीं, नालंदा के एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
गुप्त सूचना पर शराब लदी गाड़ी का किया जा रहा था पीछा
उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पटना मुख्यालय की एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (ईआईबी) की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से शराब की बड़ी खेप नालंदा लाई जा रही है। सूचना के आधार पर ईआईबी की टीम ने राजगीर उत्पाद विभाग के सब-इंस्पेक्टर और स्थानीय टीम के साथ मिलकर शराब तस्करों की गाड़ी का पीछा करना शुरू किया।
बताया जाता है कि शराब से लदी गाड़ी नवादा जिले के खराट मोड़ से आगे बढ़ चुकी थी। इसके बाद पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम तस्करों को पकड़ने के लिए उनके पीछे लग गई। इसी दौरान पावापुरी-गिरियक इलाके में हाईवे पर चलती गाड़ी से पुलिस टीम पर गोलीबारी कर दी गई।
सिपाही के सिर में लगी गोली, पटना में तोड़ा दम
शराब तस्करों का पीछा करने के दौरान अचानक हुई फायरिंग में सिपाही अजीत कुमार के सिर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। घटना के बाद साथ मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तत्काल पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान अजीत कुमार ने दम तोड़ दिया। उनके शव का पोस्टमार्टम पटना में कराया जा रहा है।
नगरनौसा के नगमा गांव के रहने वाले थे अजीत
मृतक सिपाही अजीत कुमार नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत नगमा गांव के रहने वाले थे। उनके पिता मदन कुमार झारखंड पुलिस में दारोगा के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे। अजीत तीन भाइयों में मंझले थे। करीब चार वर्ष पहले उनकी नियुक्ति मद्य निषेध विभाग में सिपाही के पद पर हुई थी। शराब तस्करी पर अंकुश लगाने की कार्रवाई के दौरान उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटनास्थल पर पहुंचे एसपी, जांच तेज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नालंदा के एसपी ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जानकारी ली। शराब तस्करों द्वारा पुलिस टीम पर गोलीबारी किए जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। इस घटना ने जिले में शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
