विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के लिए तीन दिवसीय नुक्कड़ नाटक अभियान

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नालंदा। विकसित भारत 2047 संकल्प अभियान के तहत कला एवं संस्कृति विभाग, नालंदा तथा शिक्षा विभाग, नालंदा द्वारा आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रयत्नम नालंदा के कलाकारों द्वारा तीन दिवसीय नुक्कड़ नाटक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सामाजिक जिम्मेदारियों, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकार प्रभावशाली अभिनय और संवादों के जरिए लोगों को यह संदेश दे रहे हैं कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। देश के विकास में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुति, अभिनय और नाटक के माध्यम से दिए गए सामाजिक संदेश की सराहना की।

अभियान के तीसरे चरण में 9 अक्टूबर 2026 को बिहारशरीफ और राजगीर क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुतियाँ आयोजित की जा रही हैं। इसके अंतर्गत बिहारशरीफ के चोरा बगीचा, अनुमंडल कार्यालय राजगीर तथा राजगीर बस स्टैंड और राजगीर कुंड के पास निर्धारित स्थानों पर कलाकार विकसित भारत 2047 के संकल्प, सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी के प्रति जागरूक किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, साक्षरता, नालंदा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजन में विकास कुमार डीएन सर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि आम जनमानस के बीच कलाकारों के माध्यम से इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने से लोगों पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नुक्कड़ नाटक एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए सामाजिक संदेश सरल, सहज और प्रभावशाली तरीके से आम लोगों तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और अभियान का उद्देश्य पूरा करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में ( के.आर.पी.) शिक्षा विभाग के प्रखंड स्तरीय अधिकारी कुमार वीरेंद्र सिन्हा भी अपने संरक्षण और मार्गदर्शन में नाटक का अवलोकन कर रहे हैं। उन्होंने कलाकारों के अभिनय, प्रस्तुति और जन-जागरूकता के संदेश की सराहना की।

इस अवसर पर प्रयत्नम नालंदा के सचिव, अभिनेता एवं प्रशिक्षक कुमार गौरव ने कहा कि उनकी संस्था कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ मगही भाषा, संस्कृति और पारंपरिक नाट्य विधाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था बच्चों को अभिनय का निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा निखारने तथा उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रयत्नम नालंदा द्वारा प्रत्येक वर्ष दशहरा के अवसर पर मगही पारंपरिक नाट्यशैली पर आधारित तीन दिवसीय “ दशहरा नाट्य परंपरा महोत्सव 2027” का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी दो दिवसीय नाट्य महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य मगही लोकसंस्कृति, पारंपरिक रंगमंच और लोकनाट्य की समृद्ध विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।

कुमार गौरव ने कहा कि प्रयत्नम नालंदा कला, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक चेतना के माध्यम से समाज के विकास में निरंतर योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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