नालंदा में लॉन्च हुआ ‘अरुण सर गंगा घाट’ ऐप, अब ₹101 में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए कम लागत में डिजिटल शिक्षा की पहल, गंगा घाट से शुरू हुई निःशुल्क मार्गदर्शन व्यवस्था अब ऑनलाइन भी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए नालंदा में ‘अरुण सर गंगा घाट’ नाम से शैक्षणिक ऐप लॉन्च किया गया। पूर्व कमिश्नर अरुण कुमार, जिन्हें ‘अरुण सर गंगा घाट’ के नाम से जाना जाता है, ने सोमवार को अपने शैक्षणिक ऐप का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को कम लागत में मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।
अरुण कुमार लंबे समय से पटना के गांधी घाट और एनआईटी घाट पर IAS, PCS सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क मार्गदर्शन देते रहे हैं। अब गंगा घाट से शुरू हुई उनकी यह पहल डिजिटल माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
Google Play Store से कर सकेंगे डाउनलोड
‘अरुण सर गंगा घाट’ ऐप को Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है। वहीं, विद्यार्थी लैपटॉप या कंप्यूटर के माध्यम से arunsargangaghat.org पर जाकर भी अध्ययन कर सकते हैं। ऐप के जरिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक अध्ययन एवं मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
महज ₹101 में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
अरुण सर के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को सही दिशा और मार्गदर्शन के लिए महंगे कोचिंग संस्थानों पर पूरी तरह निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। ऐप के माध्यम से विद्यार्थी मात्र ₹101 में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पटना के गंगा घाट पर विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑफलाइन मार्गदर्शन भी दिया जाता है। यहां विद्यार्थी विषय से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के साथ अपनी समस्याओं और डाउट्स का समाधान भी कर सकते हैं।
‘पैसे के अभाव में किसी विद्यार्थी की पढ़ाई न रुके’
अरुण सर ने कहा कि उनका प्रयास है कि पैसे के अभाव में किसी विद्यार्थी की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी न रुके। आर्थिक रूप से कमजोर और दूर-दराज के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण परीक्षा मार्गदर्शन कम से कम लागत में पहुंचाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि गंगा घाट से शुरू हुई निःशुल्क शिक्षा और मार्गदर्शन की पहल को अब डिजिटल माध्यम से बिहार सहित देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक वैकल्पिक डिजिटल मंच उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया गया है।
