राजगीर रोपवे में तकनीकी खराबी से बीच रास्ते में फंसे 32 पर्यटक, एक घंटे बाद सभी सुरक्षित निकाले गए
आकाशीय बिजली गिरने से इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स हुए क्षतिग्रस्त, 18 केबिन प्रभावित; बुधवार से संचालन सामान्य
राजगीर (नालंदा)। नालंदा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर में मंगलवार शाम रोपवे के संचालन के दौरान तकनीकी खराबी आने से 18 केबिन बीच रास्ते में रुक गए। इस दौरान करीब 32 पर्यटक लगभग एक घंटे तक हवा में फंसे रहे। सूचना मिलते ही रोपवे प्रबंधन की तकनीकी टीम सक्रिय हुई और खराबी दूर कर सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी भी पर्यटक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से रोपवे के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके कारण अचानक रोपवे का संचालन ठप हो गया और कई केबिन बीच रास्ते में रुक गए। जो केबिन स्टेशन के नजदीक और कम ऊंचाई पर थे, उनमें सवार पर्यटकों को तत्काल सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं, अधिक ऊंचाई पर फंसे केबिनों में बैठे पर्यटकों को तकनीकी खराबी दूर होने तक इंतजार करना पड़ा।
घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया, जो बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आया और तेजी से वायरल हो गया।
रोपवे के प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि पहाड़ी के ढलान के कारण रोपवे की ऊंचाई हर स्थान पर अलग-अलग है। कहीं इसकी ऊंचाई लगभग 15 फीट, कहीं 25 फीट तो कहीं 50 फीट तक है। उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही विशेषज्ञों की टीम तुरंत मरम्मत कार्य में जुट गई। हालांकि, खराबी का सटीक स्थान पता लगाने में कुछ समय लगा। जांच में पाया गया कि आकाशीय बिजली गिरने से इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स जल गए थे, जिसके कारण संचालन बाधित हुआ।
उन्होंने कहा कि स्टेशन के समीप मौजूद केबिनों में बैठे पर्यटकों को तुरंत सुरक्षित निकाल लिया गया था, जबकि ऊंचाई पर फंसे पर्यटकों को तकनीकी समस्या दूर होने के बाद सुरक्षित नीचे लाया गया। घटना में किसी भी पर्यटक को चोट नहीं आई और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सावन माह के कारण इन दिनों राजगीर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन करीब 2,500 से 3,000 पर्यटक रोपवे का आनंद लेने और विश्व शांति स्तूप सहित राजगीर की प्राकृतिक सुंदरता का दीदार करने पहुंच रहे हैं।
घटना के अगले दिन बुधवार सुबह से रोपवे का संचालन निर्धारित समय पर सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया। रोपवे प्रबंधन ने पर्यटकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है और रोपवे पूरी तरह सुरक्षित है, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उल्लेखनीय है कि राजगीर के 8-सीटर केबिन रोपवे का उद्घाटन 26 मार्च 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। यह रोपवे पर्यटकों को रत्नागिरि पहाड़ी स्थित विश्व शांति स्तूप तक कम समय में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अवसर प्रदान करता है। इसके साथ ही पर्यटक रोपवे से राजगीर की पहाड़ियों, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य का मनोरम दृश्य भी देखते हैं।
