बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व अधिकारों की रक्षा के लिए बाल विवाह रोकना जरूरी : सीमा कुमारी

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रानी सिन्हा की रिपोर्ट
नूरसराय (नालंदा)। डीपी सिंह इंस्टीच्यूट ऑफ एजुकेशन (नर्सिंग) संस्थान के रामखेलावन ज्योति सभागार में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, जीएनएम एवं एएनएम के प्रशिक्षुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

सेमिनार को संबोधित करते हुए एलएडीसीएस की डिप्टी चीफ सीमा कुमारी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधिकारों की रक्षा के लिए बाल विवाह पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में बड़ी बाधा है।

पीएलवी रिचा कुमारी ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत की दिशा में उठाया गया यह कानूनी कदम लड़कियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक साबित होगा।

डीएलएसए के सचिव राजेश कुमार गौरव ने कहा कि बाल विवाह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि यह बच्चों के बचपन, शिक्षा और भविष्य की हत्या के समान है। समाज को इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूक होकर इसे समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।

संस्थान की प्राचार्य प्रो. सिल्विया रंजन मैथ्यू ने कहा कि हमारा संविधान प्रत्येक बच्चे को सम्मानपूर्वक जीवन, शिक्षा और समान अवसर का अधिकार प्रदान करता है, जिसे सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।

इस अवसर पर महेश मेहता, प्रशांत कुमार, राजकिशोर रमन, सागर सिन्हा, अभिषेक कुमार, मौमीता शबनम, अर्पिता मंडल, प्रियंका कुमारी, नंदनी सिन्हा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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