वायरल फोटो की जांच में जुटी पुलिस, संपादित तस्वीर फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
राकेश कुमार, हरनौत
हरनौत थाना क्षेत्र में पिछले दिनों पुलिस बोलेरो और मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही तस्वीरों की सत्यता की जांच में नालंदा पुलिस जुट गई है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में वायरल की गई एक तस्वीर संपादित (एडिटेड) प्रतीत हो रही है, जिसमें घायल युवक के साथ पुलिसकर्मियों के कथित आपत्तिजनक व्यवहार को दर्शाया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की भ्रामक एवं संपादित सामग्री फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
नालंदा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना के संबंध में हरनौत थाना कांड संख्या-212/26 दर्ज कर मामले का अनुसंधान किया जा रहा है। अनुसंधान के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच में वायरल तस्वीर के साथ छेड़छाड़ किए जाने के संकेत मिले हैं, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी फोटो, वीडियो या संदेश को उसकी सत्यता की पुष्टि किए बिना सोशल मीडिया पर साझा न करें। अफवाह फैलाने या संपादित सामग्री प्रसारित करने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक, फर्जी अथवा संपादित फोटो-वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार अपनाने की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित कोई प्रमाणिक फोटो, वीडियो या अन्य जानकारी हो, तो उसे सीधे पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच में सहायता मिल सके। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करने का आग्रह किया गया है।
