नालंदा विश्वविद्यालय पहुंची संसदीय स्थायी समिति, विरासत और पर्यटन विकास पर हुई चर्चा
नालंदा/राजगीर। परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में 19 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नालंदा-राजगीर क्षेत्र के अध्ययन दौरे के क्रम में नालंदा विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल थे। इस दौरान सांसदों ने विश्वविद्यालय परिसर का जायजा लेने के साथ कुलपति, शिक्षकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों से संवाद किया।
विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी समुदाय, शोध एवं अकादमिक सहयोग तथा नए परिसर के विकास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों से आए विद्यार्थी और शोधार्थी यहां एक साथ अध्ययन करते हुए अंतरराष्ट्रीय एवं अंतर-सांस्कृतिक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण कर रहे हैं।
नेट-जीरो परिसर और पर्यावरणीय व्यवस्था की ली जानकारी
सांसदों को विश्वविद्यालय के नेट-जीरो परिसर, अक्षय ऊर्जा, जल प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचे की जानकारी भी दी गई। समिति के सदस्यों ने प्राचीन नालंदा की विरासत को आधुनिक वैश्विक शिक्षा और शोध से जोड़ने की दिशा में विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की।

समिति के अध्यक्ष संजय कुमार झा ने विश्वविद्यालय के विकास और उसकी बढ़ती वैश्विक पहचान की प्रशंसा करते हुए कहा कि लगभग 800 वर्षों के बाद नालंदा को फिर से विकसित करने की परिकल्पना अब धरातल पर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में एक हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। परिसर नेट-जीरो है और बिजली तथा पानी की समेकित व्यवस्था उपलब्ध है। विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय अकादमिक उपस्थिति भी लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि नालंदा का गौरव, इतिहास और पहचान विश्वविद्यालय के माध्यम से आधुनिक स्वरूप में एक बार फिर दुनिया के सामने आ रही है।
बिहार के विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, बिहार के विद्यार्थियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय दृश्यता को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही नालंदा-राजगीर क्षेत्र में बौद्ध एवं विरासत पर्यटन के विकास की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने नालंदा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि नया नालंदा विश्वविद्यालय भी प्राचीन नालंदा की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप विश्व स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा स्थापित करेगा।
वहीं राजीव प्रताप रूड़ी ने ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक और पर्यावरण-सचेत विश्वविद्यालय परिसर से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। मनोज तिवारी ने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों तथा नालंदा के शैक्षणिक और पर्यटन परिवेश को और मजबूत करने की संभावनाओं को रेखांकित किया। इमरान प्रतापगढ़ी ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों के साथ संवाद को दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
पर्यटन सुविधाओं की भी होगी समीक्षा
संसदीय स्थायी समिति का यह दौरा नालंदा और राजगीर की ऐतिहासिक विरासत, पर्यटन अवसंरचना तथा पर्यटकों को उपलब्ध सुविधाओं की व्यापक समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया। समिति द्वारा क्षेत्र को एक समेकित विरासत एवं बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
दौरे के दौरान समिति के साथ अजय कुमार मंडल, अनुराग शर्मा, देवेश चंद्र ठाकुर, के. ई. प्रकाश, मियां अल्ताफ अहमद, राहुल कासवान, सुरेश कुमार शेटकर, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी, गोला बाबू राव, केशरी देव सिंह दिग्विजय झाला, नदीमुल हक, आर. के. चौधरी, एस. कल्याण सुंदरम और जून मालिया सहित अन्य सांसद मौजूद रहे।
इस अवसर पर नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक हृदय कांत, उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर सहित जिले के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
