बाबा बख्तौर पूजनोत्सव संपन्न, 51 मन हुमाद से हुआ भव्य हवन; हजारों श्रद्धालुओं के बीच बंटा प्रसाद
नालंदा/हरनौत, (संवाददाता: राकेश कुमार): हरनौत बाजार के सबनहुआडीह स्थित बाबा बख्तौर मंदिर परिसर में आयोजित वार्षिक पूजनोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
पूजनोत्सव के दौरान वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव, मिसी गांव के सेवानिवृत्त आईपीएस डॉ. इंद्रदेव कुमार तथा बक्सर जिले के डुमरांव निवासी पूर्व विधायक पहलवान सहित कई गणमान्य लोगों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
वैशाख शुक्ल पक्ष में आयोजित इस पारंपरिक आयोजन में शनिवार की शाम भव्य धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इस दौरान बाबा बख्तौर, माता गहेल, खिरहर बसावन, नटवा प्राण सिंह और बांगुर बाबा सहित अन्य देवी-देवताओं का बुलावा किया गया। रात में जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें भक्तगण भक्ति संगीत और कीर्तन में मग्न रहे।

रविवार को मुख्य पूजा-अर्चना के दौरान नालंदा, नवादा, शेखपुरा, पटना और लखीसराय सहित कई जिलों से करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे। दोपहर से देर शाम तक चले अनुष्ठान में 51 मन हुमाद से भव्य हवन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुति देकर पुण्य अर्जित किया।
पूजनोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में लगभग 70 से 75 मन चावल तथा कई टीन मीठे रसिया का वितरण किया गया। महिलाएं आंचल फैलाकर आशीर्वाद लेती नजर आईं, वहीं कई भक्तों ने मनौती पूरी होने की बात कहकर बाबा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की।
इस आयोजन में मुनरिक भगत, अवधेश भगत, महेंद्र भगत, रामबाबू भगत, सौरभ भगत, बोधी भगत, साको भगत, नवादा के महेंद्र भगत तथा बख्तियारपुर क्षेत्र के श्रद्धालु सक्रिय रूप से शामिल रहे। मुनरिक भगत ने बताया कि यह पूजा यादव समुदाय की पारंपरिक आस्था से जुड़ी है, जो वर्ष 1995 से बड़े पैमाने पर आयोजित की जा रही है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बाबा बख्तौर का जन्म माता कोयला के गर्भ से हुआ था। उस समय राजा दलेल सिंह और राक्षसी शक्तियों के अत्याचार से क्षेत्र पीड़ित था। बाबा बख्तौर ने वनबेरिया क्षेत्र को अत्याचार से मुक्त कर 52 कोस क्षेत्र में शांति स्थापित की। बाद में साजिश के तहत उन्हें वीरगति प्राप्त हुई, लेकिन उन्होंने जीवनभर पीड़ितों की रक्षा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया।
इस अवसर पर आदित्य कुमार, संजय कुमार यादव, शिक्षक प्रकाश भारती, दुल्लो कुमार, रविंदर, जतन, उदय सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
