हरनौत में मॉडल स्कूल का शुभारंभ, अब छात्रों को मिलेगी हाईटेक शिक्षा की सुविधा

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स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक विज्ञान लैब, समृद्ध पुस्तकालय और बेहतर फर्नीचर से लैस होगा विद्यालय

हरनौत – नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का रविवार को भव्य शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी डॉ. साकेत सुमन सौरभ तथा विशिष्ट अतिथि गोनावां पंचायत के मुखिया अमरेश उपाध्याय, पोआरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बरे पासवान, प्राचार्य अनिल कुमार एवं जदयू नेता रामटहल साव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर विद्यालय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में नए मॉडल स्कूल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया अमरेश उपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से पूरे बिहार में 551 मॉडल स्कूलों की शुरुआत की गई है। इस योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ बेगूसराय से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि हरनौत का यह विद्यालय भी आधुनिक संसाधनों और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी विद्यालयों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से पढ़कर निकलने वाले छात्र-छात्राएं प्रखंड, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।
मुख्य अतिथि डॉ. साकेत सुमन सौरभ ने कहा कि वर्ष 1949 से संचालित इस ऐतिहासिक विद्यालय का मॉडल स्कूल के रूप में चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे किसी भी स्तर की प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
स्मार्ट क्लास से लेकर आधुनिक विज्ञान लैब तक की होगी सुविधा
विद्यालय के प्राचार्य अनिल कुमार ने बताया कि मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर कक्ष, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय, बेहतर फर्नीचर तथा तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। मुख्य भवन के प्रथम तल पर पुस्तकालय तथा सामने स्थित भवन के प्रथम तल पर स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशाला की व्यवस्था की गई है। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विद्यालय के विभिन्न कक्षों और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने बताया कि मॉडल स्कूल योजना का लाभ फिलहाल कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को मिलेगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सेक्शन में अधिकतम 40 विद्यार्थियों का ही नामांकन किया गया है, ताकि प्रत्येक छात्र पर शिक्षकों की विशेष निगरानी और व्यक्तिगत मार्गदर्शन सुनिश्चित हो सके।
एनएमएमएस परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को मिला प्रवेश
प्राचार्य ने बताया कि सत्र 2025-26 के लिए नौवीं कक्षा में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से केवल 40 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनका चयन राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना (NMMS) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन और निर्धारित अंकों के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकार के निर्देशानुसार अगले सत्रों में नामांकन की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
1949 में हुई थी विद्यालय की स्थापना
प्राचार्य अनिल कुमार ने बताया कि इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1949 में ग्रामीणों के सहयोग से हुई थी। विद्यालय लगभग चार बीघा भूमि में फैला हुआ है। यहां वर्तमान में 24 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं, जिनमें गणित एवं विज्ञान के 10 शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा एक-एक लाइब्रेरियन, लिपिक, परिचारी और नाइट गार्ड भी कार्यरत हैं। दो भवनों में कुल 24 कक्ष उपलब्ध हैं, जिनमें छात्रों के अध्ययन की समुचित व्यवस्था की गई है।
ग्रामीणों के दान से बना शिक्षा का यह केंद्र
मगही अकादमी के पूर्व अध्यक्ष एवं समाजसेवी उदय शंकर शर्मा ‘कवि जी’ ने विद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सबसे पहले पोआरी गांव में पठन-पाठन की शुरुआत हुई थी। बाद में विद्यालय को गोनावां ले जाया गया और अंततः राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-31ए) किनारे इसके वर्तमान परिसर में स्थापित किया गया। उन्होंने बताया कि विद्यालय की स्थापना और विकास में पोआरी गांव के जमींदार बाबू तिरपित नारायण सिंह, बाबू जंगबहादुरगंज सिंह, सूर्यदेव सिंह तथा गोनावां गांव के सुरेश नंदन प्रसाद सिंह एवं बबन बाबू सिंह ने अपनी भूमि दान देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ. सुधांशु, बीआरपी सुंदरम, बीआरसी के डीईओ ध्रुव, आईटी समन्वयक ऋषि, सीआरसी समन्वयक सूर्यनंदन, माधवी, प्रशांत, तारिक अनवर, मनीष, शुभम, चंदन, रजनीश, राजीव, सरिता, रूपम, रीना, अंजू, नंदकिशोर, मनोज, सच्चिदानंद, सुधांशु, संजीत, बिरंजन, कल्याणी, साक्षी, रानी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, अभिभावक और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मॉडल स्कूल के शुभारंभ से हरनौत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को अब आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का नया अवसर मिलेगा।

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