तारा जीविका महिला विकास सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा आयोजित
महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं सहकारिता को मजबूत बनाने पर दिया गया जोर
संवाददाता राकेश कुमार, नालंदा
हरनौत प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभागार भवन में शुक्रवार को तारा जीविका महिला विकास सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा का भव्य आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में जीविका दीदियों, समिति की महिला सदस्यों, निदेशक मंडल के प्रतिनिधियों एवं जीविका कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की आर्थिक उन्नति, आत्मनिर्भरता, सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने तथा समूह आधारित आजीविका गतिविधियों को विस्तार देने पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विपिन कुमार तथा जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) मोहम्मद आफताब आलम सहित अन्य अतिथियों का समिति की ओर से पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के निदेशक मंडल द्वारा की गई। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा महिलाओं को संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
वार्षिक आमसभा के दौरान समिति के सचिव एवं निदेशक मंडल द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष की गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान समिति की आय-व्यय, वित्तीय स्थिति, बचत एवं ऋण वितरण, महिला सदस्यों की सहभागिता, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों को बताया गया कि सहकारी समिति के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, छोटे-छोटे स्वरोजगार स्थापित करने तथा सामूहिक व्यवसाय को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
बैठक में समिति द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा भी की गई। महिलाओं को नियमित बचत, समय पर ऋण भुगतान, पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा समूह की एकजुटता बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में अधिक से अधिक महिलाओं को सहकारी समिति से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार, लघु उद्योग, पशुपालन, कृषि आधारित व्यवसाय, हस्तशिल्प एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
मुख्य अतिथि विपिन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाएं आज समाज में परिवर्तन की मिसाल बन रही हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी सीमित थी, लेकिन आज जीविका एवं सहकारी समितियों के माध्यम से महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक नेतृत्व की भूमिका भी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का संगठित प्रयास ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकता है। उन्होंने सभी सदस्यों से ईमानदारी, पारदर्शिता एवं अनुशासन के साथ समिति के विकास में योगदान देने की अपील की।
जीविका के बीपीएम मोहम्मद आफताब आलम ने कहा कि बिहार सरकार की जीविका योजना आज लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि जीविका का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण बनाना है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, बैंकिंग, ऋण, स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। उन्होंने सभी महिला सदस्यों से समूह की बैठकों में नियमित भाग लेने, समय पर बचत जमा करने तथा नई महिलाओं को भी जीविका से जोड़ने का आह्वान किया।
आमसभा के दौरान कई महिला सदस्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आज वे स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हुई हैं, परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी निभा रही हैं तथा अपने बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर बेहतर ढंग से ध्यान दे पा रही हैं। महिलाओं ने कहा कि जीविका ने उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।

बैठक में समिति के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि समिति की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा तथा प्रत्येक पंचायत में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा नए सदस्यों को जोड़ने, समूहों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
कार्यक्रम के अंत में समिति की ओर से सभी अतिथियों, निदेशक मंडल के सदस्यों, जीविका कर्मियों एवं महिला सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सीएफ सोनू कुमार, एमबीके उमेश कुमार, एसी रजनीश कुमार, सी-3 सचिन कुमार, समिति की सचिव विनीता देवी सहित ऊषा, रिंकी, आशा, विनीता, बबीता कुमारी भारती, दयावती, रितु, संगीता समेत जीविका से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं। सभी ने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
