पुलिस वाहन की टक्कर से युवक की मौत के बाद बवाल, पथराव में हरनौत थानाध्यक्ष समेत 8 पुलिसकर्मी घायल; 30 नामजद व 100 अज्ञात पर केस दर्ज

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राकेश कुमार, हरनौत, नालंदा

नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र स्थित चेरन गांव के पास बुधवार को पुलिस बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार 23 वर्षीय प्रद्युम्न कुमार की मौत के बाद इलाके में जमकर बवाल हुआ था। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने पहले दिन में एनएच-31ए जाम किया और देर रात फिर एटीएम कॉलेज के पास शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि हरनौत थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा के द्वारा आक्रोशित ग्रामीण एवं परिजनों को काफी देर तक समझाने बुझाने के बावजूद भी वह कुछ सुनने का तैयार नहीं थे जिसके वजह से जीडीएम कॉलेज के पास रण क्षेत्र रण क्षेत्र में तब्दील हो गया था। इस दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया और पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच पथराव हुआ। पुलिस के द्वारा जाम को हटाने एवं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस की गोली एवं आसमानी फायरिंग किया गया।

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वही पथराव में हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी का इलाज बिहार शरीफ सदर अस्पताल में कराया गया। कई पुलिस और निजी वाहनों में तोड़फोड़ की गई। हालात पर काबू पाने के लिए हरनौत, वेना, चेरो, कल्याण बिगहा, भागनबिगहा, गोकुलपुर सहित कई थानों की पुलिस और पुलिस लाइन से करीब 150 जवान तैनात किए गए। मौके पर एसडीएम, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। सदर डीएसपी तो संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि
पुलिस ने इस मामले में 30 नामजद और करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हरनौत थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि जीडीएम कॉलेज के पास रात्रि में हुए पुलिसकर्मी पर हमले के बाद वहां से 14 मोटरसाइकिल के लिए तीन ट्रैक्टर एवं एक स्कॉर्पियो को जप्त कर थाना लाया गया है। वहीं दुर्घटना के बाद लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच जारी है। गौरतलब है कि एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था जिसमें एक पुलिस कर्मी के द्वारा मृतक के गर्दन के पास पैर खड़ा दिखाई देने के बाद आकर्षित परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। उसी फोटो को लेकर अब तक इतनी विवाद की मुख्य कारण बताई जा रही है। वही हादसे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे तस्वीरें सत्यता की जांच शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि किसी भी संपादित यह भ्रामक फोटो वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध विधि संवत कार्रवाई की जाएगी। बता दे कि इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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