पुलिस वाहन से युवक की मौत के बाद एनएच-20 बना रणक्षेत्र, तीन घंटे तक आवागमन ठप, आगजनी, पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस से हालात बेकाबू
शव रखकर किया गया प्रदर्शन हिंसक हुआ, कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने; भारी पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात बहाल हुआ यातायात
राकेश कुमार की रिपोर्ट
नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र में बुधवार को पुलिस वाहन की टक्कर से एक युवक की मौत के बाद हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। दिन में चेरन पुल के पास हुए सड़क हादसे के बाद देर शाम मृतक का शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रूपसपुर गांव स्थित जीडीएम कॉलेज के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (एनएच-20) पर शव रखकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र आंदोलन में बदल गया। लगभग तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा और पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति तब और बिगड़ गई जब आक्रोशित भीड़ ने सड़क पर खड़ी कई गाड़ियों पर ईंट, पत्थर और कंकड़ों से हमला शुरू कर दिया। पथराव में कई निजी एवं पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ वाहनों के शीशे पूरी तरह टूट गए और कई गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा। जाम में फंसे यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। पथराव की चपेट में आने से एक महिला बेहोश हो गई, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
मृतक की पहचान हरनौत के कल्याण बिगहा थाना क्षेत्र के महतवर-बलवापर गांव निवासी पिंकू यादव के 23 वर्षीय पुत्र प्रद्युम्न कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि बुधवार की सुबह चेरन पुल के समीप तेज रफ्तार पुलिस वाहन की टक्कर से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद दिन में भी लोगों ने सड़क जाम किया था, जिसे वरीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त कराया गया था। लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फिर भड़क उठा।

शाम करीब सात बजे सैकड़ों की संख्या में लोग जीडीएम कॉलेज के समीप एनएच-20 पर जमा हो गए और शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते आंदोलन उग्र हो गया। आगजनी और पथराव के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोनों ओर कई किलोमीटर तक छोटे-बड़े वाहन फंस गए और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात लगातार बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त बल बुलाया। हरनौत, वेना, चेरो, कल्याण बिगहा, भागनबिगहा, गोकुलपुर समेत सीमावर्ती थानों की पुलिस के अलावा पुलिस लाइन से भी बड़ी संख्या में जवानों को मौके पर भेजा गया। जानकारी के अनुसार लगभग 150 पुलिसकर्मी विधि-व्यवस्था संभालने में लगाए गए थे।
मौके पर एसडीपीओ, एसडीएम, बीडीओ, अंचलाधिकारी (सीओ), हरनौत थानाध्यक्ष सहित कई वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांतिपूर्ण तरीके से सड़क खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होती चली गई और पथराव तेज हो गया, तब पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस के गोले भी छोड़े। घटनास्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पथराव के दौरान पुलिसकर्मियों को भी चोटें आने की सूचना है। बताया जा रहा है कि त्वरित कार्रवाई बल (क्यूआरटी) का एक जवान भी ड्यूटी के दौरान बेहोश हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए हटाया गया।
इस दौरान सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी तेजी से वायरल होने लगी, जिसमें एक पुलिसकर्मी को मृतक के शव के समीप अनुचित स्थिति में खड़ा दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वायरल तस्वीर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से भी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इसी तरह कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह आरोप भी लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त पुलिस वाहन से शराब जैसी गंध आ रही थी। इस दावे की भी अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।
काफी मशक्कत, समझाइश और पुलिस कार्रवाई के बाद देर रात स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई। इसके बाद सड़क से शव हटाकर जाम समाप्त कराया गया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल किया गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को खंगालने में जुटी है।
इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में सड़क सुरक्षा, सरकारी वाहनों की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हादसे के दोषी वाहन चालक के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और न्याय दिलाया जाए।
प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना और उसके बाद हुई हिंसा, पथराव तथा सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
