साइबर सेल अधिकारी बन युवक का अपहरण, छह घंटे में सकुशल बरामद; दो गिरफ्तार
कतरीसराय (नालंदा), संवाद सूत्र। कतरीसराय थाना क्षेत्र के संगत टोला में साइबर सेल के अधिकारी बनकर एक युवक के कथित अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपहर्ताओं ने स्वयं को समस्तीपुर साइबर सेल का पुलिस पदाधिकारी बताकर युवक को घर से अपने साथ ले लिया और बाद में परिजनों से फिरौती की मांग की। हालांकि कतरीसराय पुलिस की त्वरित कार्रवाई से युवक को महज छह घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब आठ बजे चार व्यक्ति सादे लिबास में संगत टोला निवासी टुनटुन प्रसाद के घर पहुंचे। उन्होंने स्वयं को समस्तीपुर साइबर सेल का अधिकारी बताते हुए रौशन कुमार उर्फ नेपाली को पूछताछ के नाम पर अपने साथ ले लिया।
घटना की सूचना मिलने पर अपर थानाध्यक्ष सह प्रभारी थानाध्यक्ष आदित्य कुमार को मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, क्योंकि किसी भी बाहरी पुलिस टीम द्वारा स्थानीय थाना को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। परिजनों से पूछताछ के दौरान मामला अपहरण का प्रतीत हुआ।
इसी बीच अपहृत युवक के मोबाइल फोन से परिजनों को कॉल कर रुपये की मांग की गई। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर अपहर्ताओं की लोकेशन ट्रेस की तथा इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी।
नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के निर्देश पर राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में गिरियक इंस्पेक्टर सुमंत कुमार, गिरियक थानाध्यक्ष श्रीकांत प्रसाद, कतरीसराय प्रभारी थानाध्यक्ष आदित्य कुमार तथा एसआई मुकुंद भारती शामिल थे।
पुलिस ने नवादा जिले के वारसलीगंज थाना क्षेत्र स्थित चक धरमपुर गौरक्षणी मोहल्ला में मंगलवार देर रात छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अपहृत रौशन कुमार उर्फ नेपाली को सकुशल बरामद कर लिया गया।
इस दौरान लाल कुमार और दीपक कुमार, दोनों पिता चुन्नू प्रसाद, निवासी वारसलीगंज, जिला नवादा को गिरफ्तार किया गया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले मुख्य साजिशकर्ता समेत दो अन्य आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए।
प्रभारी थानाध्यक्ष आदित्य कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में फिरौती के उद्देश्य से अपहरण की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में अपहृत युवक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन (PY-01-BB-5543) तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। स्थानीय थाना में लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जा रहा है, जबकि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
