राजगीर मॉब लिंचिंग और नगरनौसा प्रकरण को लेकर बिहारशरीफ में दलित-अति पिछड़ा न्याय मार्च, पप्पू यादव ने सरकार पर साधा निशाना

0
WhatsApp Image 2026-06-23 at 10.59.07 PM

बिहारशरीफ, संवाददाता। राजगीर मॉब लिंचिंग कांड और नगरनौसा डिग्री कॉलेज विवाद में पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को बिहारशरीफ में व्यापक जनाक्रोश देखने को मिला। इन दोनों घटनाओं को लेकर आयोजित ‘दलित-अति पिछड़ा न्याय मार्च’ में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर न्याय की मांग उठाई। मार्च में पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी शामिल हुए और राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा।

न्याय मार्च श्रम कल्याण केंद्र मैदान से शुरू होकर जिला समाहरणालय तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। समाहरणालय पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

मार्च को संबोधित करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि राज्य में दलितों और अत्यंत पिछड़े वर्गों पर अत्याचार एवं शोषण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने राजगीर की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, लेकिन अब तक सीमित कार्रवाई ही हुई है। उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल सभी दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, स्पीडी ट्रायल चलाकर कठोर सजा दिलाई जाए तथा मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।

नगरनौसा प्रकरण पर भी सांसद ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि गरीबों, दलितों और अत्यंत पिछड़े वर्गों के लोगों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पप्पू यादव ने कहा कि यदि पीड़ितों को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा राज्यपाल से मुलाकात की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और बिहार बंद का आह्वान करने पर भी विचार किया जाएगा।

मार्च में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि तथा आम लोग शामिल हुए। सभी ने राजगीर और नगरनौसा मामलों में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *