ईद, रामनवमी, चैती छठ व महावीर जयंती को लेकर प्रशासन अलर्ट: डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद रखने का आदेश

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शंकर कुमार सिन्हा की रिपोर्ट,

बिहारशरीफ (नालंदा)। सोमवार को जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय तकनीकी और गैर-तकनीकी पदाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समन्वय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि जिले में आने वाले प्रमुख पर्व-त्योहार जैसे ईद-उल-फितर, चिरागा मेला, रामनवमी, चैती छठ पूजा और महावीर जयंती के अवसर पर विधि-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को हर हाल में सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और अन्य आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्व-त्योहारों के अवसर पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर उपस्थित रहकर कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनुपस्थित पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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बैठक में बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय “सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)” के तहत आम लोगों को सरकारी कार्यालयों में सुविधा उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारी आमजनों से मिलकर उनकी शिकायतें सुनेंगे और उनका त्वरित समाधान करेंगे।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी कारण से संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं रह पाते हैं तो उनके द्वारा अधिकृत पदाधिकारी आमजनों से मिलकर शिकायतों का निपटारा करेंगे। साथ ही सभी कार्यालयों में आगंतुकों के बैठने, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा शिकायतों का पंजी संधारित किया जाएगा।

बैठक में मलमास मेला 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री में प्रगति लाने के लिए कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को आपसी समन्वय के साथ कैंप लगाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने जिला जनता दरबार की समीक्षा करते हुए वर्ष 2026 में प्राप्त सभी शिकायतों के शत-प्रतिशत निष्पादन का निर्देश दिया। साथ ही निष्पादित मामलों की रिपोर्ट गूगल डॉक पर अपडेट करने को कहा गया। भूमि विवाद से संबंधित मामलों का भी त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने सभी तकनीकी पदाधिकारियों को सड़क, भवन, पुल-पुलिया आदि के निर्माण कार्यों में रैयतों से एनओसी प्राप्त करने और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लघु सिंचाई प्रमंडल को जिले के पईन और आहर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया ताकि सिंचाई के लिए हर खेत तक पानी पहुंच सके।

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सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना, मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना और कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना के लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के भी निर्देश दिए गए।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया गया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए नल-जल से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए क्यूआरटी और मोबाइल व्हीकल की व्यवस्था की जाए, जिसमें अतिरिक्त मोटर और मैकेनिक भी उपलब्ध हों ताकि तुरंत समस्या का समाधान किया जा सके।

इसके अलावा राजस्व विभाग को म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस और ई-मापी के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अनुमंडल पदाधिकारियों को राशन कार्ड के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और खाद्यान्न वितरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला परिवहन पदाधिकारी को राजगीर और बिहारशरीफ में अंतरराज्यीय बस स्टैंड निर्माण के लिए स्थल चयन करने का निर्देश दिया गया। वहीं मद्यनिषेध के तहत शराब विनष्टीकरण के कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने तथा हिलसा में उत्पाद थाना निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बाढ़ से पूर्व तटबंधों की मरम्मत, स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एक्स-रे मशीनों को क्रियाशील रखने के भी निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, विभागीय जांच के अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्थापना उपसमाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, नजारत उपसमाहर्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कार्यपालक अभियंता तथा सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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