अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मियों की हड़ताल से अंचल कार्यालयों में कामकाज ठप,आम जनता परेशान
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट,
बिहारशरीफ (नालंदा)। बिहार में सोमवार से अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। नालंदा जिले में भी इस हड़ताल का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। हड़ताल के कारण अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि राज्यभर के अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। इसके कारण अंचल कार्यालयों में कामकाज लगभग ठप हो गया है। जमीन से संबंधित जरूरी कार्य जैसे दाखिल-खारिज, आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, जमीन की मापी तथा अन्य राजस्व से जुड़ी सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं।
नालंदा जिले के बिहारशरीफ अंचल कार्यालय में भी हड़ताल का व्यापक असर देखा जा रहा है। यहां अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी अपने कार्यों से दूर हैं, जिसके कारण कार्यालय में कामकाज बंद पड़ा है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग अपने जरूरी कामों के लिए अंचल कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण उन्हें बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
कार्यालय परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ देखी जा रही है। दूर-दराज के गांवों से आए लोग अपने जरूरी कागजात बनवाने और जमीन से संबंधित काम कराने पहुंचे, लेकिन हड़ताल के कारण उनका कोई काम नहीं हो सका। इससे लोगों के चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जरूरी कार्य लंबे समय से लंबित हैं और हड़ताल के कारण अब उनकी परेशानी और बढ़ गई है। खासकर वे लोग ज्यादा परेशान हैं जिन्हें सरकारी योजनाओं, बैंक लोन या अन्य जरूरी कामों के लिए आय, जाति या निवास प्रमाणपत्र की तत्काल आवश्यकता है।
वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक हड़ताल समाप्त कराने को लेकर कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आम लोगों की परेशानियां और भी बढ़ सकती हैं।
