शिलान्यास के सात महीने बाद भी शुरू नहीं हुआ पुल निर्माण, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, पंचाने नदी में उतरकर किया प्रदर्शन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिहारशरीफ (नालंदा)। बिहारशरीफ प्रखंड के गंगा विगहा में पंचाने नदी पर प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य शिलान्यास के सात महीने बाद भी शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। हालात यह हैं कि कार्यस्थल पर लगाया गया योजना बोर्ड भी गायब हो गया है, जिससे लोगों का भरोसा टूटता नजर आ रहा है।
मंगलवार को सैकड़ों महिला-पुरुष नदी में उतरकर प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सरकार से शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत 20 जून 2025 को पुल का धूमधाम से शिलान्यास किया गया था। करीब 6.62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एनएल पुल वास्तु विहार के पास प्रस्तावित है। पैकेज संख्या L-M6S-24-25 के तहत पटना की एक निजी कंपनी को इसका ठेका दिया गया है, जिसे 19 जून 2027 तक पूरा किया जाना है। बावजूद इसके अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
प्रदर्शन में शामिल ललिता कुमारी ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजना हो या बाजार जाना, हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में पानी भर जाने पर लोगों को रेलवे पटरी के सहारे जाना पड़ता है, जहां कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना बोर्ड हटने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
वहीं जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह पुल नवादा, गंगा विगहा और राजगीर रोड को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। बारिश के मौसम में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि शिलान्यास के बावजूद काम शुरू न होना केवल खानापूर्ति जैसा प्रतीत हो रहा है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण कार्य विभाग) को सामूहिक हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा है, जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, सांसद एवं जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्यस्थल पर दोबारा बोर्ड लगाकर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
