हरनौत में 95 प्रतिशत धान की रोपनी पूरी, अच्छी बारिश से लहलहाए खेत; इस बार रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद
12,123 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 11,516 हेक्टेयर में हुई रोपनी, कृषि विभाग ने किसानों को समय पर रोपनी पूरी करने और खेतों में पर्याप्त पानी बनाए रखने की दी सलाह
हरनौत प्रखंड में इस वर्ष मानसून किसानों के लिए राहत लेकर आया है। लगातार हो रही अच्छी बारिश के कारण धान की रोपनी का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। पर्याप्त वर्षा होने से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे किसानों को सिंचाई की अतिरिक्त व्यवस्था करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। अनुकूल मौसम का लाभ उठाते हुए किसान तेजी से धान की रोपनी पूरी करने में जुटे हैं। कृषि विभाग के अनुसार अब तक प्रखंड में लगभग 95 प्रतिशत धान की रोपनी पूरी हो चुकी है, जिससे इस वर्ष बेहतर उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रखंड के कल्याण बिगहा, सरथा, बिरजू मिल्की, बराह, द्वारिका बिगहा, चेरो, शेरपुर, पोआरी, चैनपुर सहित कई पंचायतों और गांवों में एक माह पहले रोपी गई धान की फसल अब हरी-भरी नजर आने लगी है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है, जिससे धान के पौधों का विकास संतोषजनक ढंग से हो रहा है। खेतों में लहलहाती फसल को देखकर किसानों के चेहरे पर भी खुशी साफ दिखाई दे रही है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी तारकेश्वर राम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हरनौत प्रखंड में 12,123 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक 11,516 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपनी पूरी हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम अनुकूल बना रहा तो प्रखंड के सभी गांवों में शत-प्रतिशत रोपनी का लक्ष्य आसानी से पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगस्त माह की शुरुआत धान की रोपनी के लिए सबसे उपयुक्त समय मानी जाती है। अगले चार से पांच दिनों तक किसान रोपनी का कार्य तेजी से पूरा कर सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और शेष खेतों में भी समय पर रोपनी सुनिश्चित करें, ताकि उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
कृषि पदाधिकारी ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि जिन खेतों में पहले ही धान की रोपाई हो चुकी है, वहां एक से दो इंच पानी अवश्य बनाए रखें। इससे पौधों की जड़ों का विकास बेहतर होगा, खरपतवार पर नियंत्रण रहेगा और फसल की बढ़वार भी अच्छी होगी। साथ ही किसानों को समय-समय पर खेतों की निगरानी करने तथा कीट एवं रोगों से बचाव के लिए कृषि विभाग की सलाह का पालन करने की भी अपील की गई है।
कृषि विभाग का मानना है कि समय पर रोपनी और अनुकूल मौसम के कारण इस वर्ष धान की फसल बेहतर होने की पूरी संभावना है। यदि मौसम इसी तरह साथ देता रहा तो नवंबर माह में धान की कटाई शुरू हो जाएगी और उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हो सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा प्रखंड में कृषि क्षेत्र को भी नई मजबूती मिलेगी।
लगातार हो रही मानसूनी वर्षा ने न केवल धान की खेती को नई गति दी है, बल्कि किसानों के बीच बेहतर पैदावार की उम्मीद भी जगा दी है। कृषि विभाग का कहना है कि समय पर रोपनी, पर्याप्त वर्षा और वैज्ञानिक तरीके से फसल प्रबंधन अपनाने पर इस वर्ष हरनौत प्रखंड में धान की बंपर पैदावार होने की पूरी संभावना है।
