शिक्षा संवाद सह शिक्षक समागम में प्रशांत किशोर ने सरकार पर साधा निशाना, डॉ. दिव्या ज्योति बोलीं—पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी लाएगा बदलाव
पटना, 25 सितंबर 2026। जन सुराज के सूत्रधार एवं बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर की उपस्थिति में शुक्रवार को चाणक्य फाउंडेशन, कोथवा मोड़, पटना में शिक्षा संवाद सह शिक्षक समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की समस्याओं तथा शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद एवं विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने समस्तीपुर की घटना को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “जिस राज्य का मुखिया अनपढ़ और अपराधी होगा, वहां कानून-व्यवस्था की परिकल्पना बेवकूफी है।” उन्होंने दावा किया कि जदयू-भाजपा के बीच कथित खींचतान के कारण डीजीपी तक तय नहीं हो पा रहा है। उनके अनुसार, यह अभी शुरुआत है और आने वाले समय में परिस्थितियां और गंभीर हो सकती हैं।
प्रशांत किशोर ने अशोक चौधरी के ‘छोटी-मोटी घटना’ वाले बयान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को हल्के में लेने के बजाय प्रशासन और व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना पर दुख व्यक्त करने और गंभीर कार्रवाई करने के बजाय उसका मजाक उड़ाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर आपके-हमारे घर की बेटियों के साथ ऐसी घटना होगी तो क्या आप इसे छिटपुट घटना कहेंगे?”
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों और अपनी अपेक्षाओं को सामने रखा।
इस अवसर पर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षक समाज बिहार की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव है। शिक्षकों की समस्याओं, सम्मान और अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “जिस तरह बांकीपुर में बदलाव की आवाज उठी है, उसी तरह पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी बदलाव लाएगा।”
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को केवल चुनावी चर्चा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। शिक्षक समागम में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों की समस्याओं तथा बेहतर प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
