सकरी, पंचाने, गोईठवा,सोईवा, जीराईन समेत प्रमुख नदियां खतरे से नीचे, उदेरास्थान बराज के 30 फाटकों में से पांच फाटक खुले
नालंदा में नदियां खतरे के निशान से नीचे, प्रशासन अलर्ट; अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
बिहारशरीफ। हालिया मूसलाधार बारिश के बाद जिले के विभिन्न इलाकों में जलभराव की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। जल संसाधन विभाग के तकनीकी विश्लेषण और 3 सितंबर को दर्ज आधिकारिक गेज रीडिंग के अनुसार नालंदा की अधिकांश प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। प्रशासन के अनुसार वर्तमान स्थिति स्थिर और नियंत्रण में है तथा संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक एवं तकनीकी टीमें 24 घंटे मुस्तैद हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार पौड़ा हेड वर्क पर सकरी नदी का खतरे का निशान 81.70 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 80.50 मीटर दर्ज किया गया है। जलस्तर में 0.15 मीटर की गिरावट आई है और नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। वहीं साठोपुर ब्रिज पर पंचाने नदी का खतरे का निशान 55.25 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 54.45 मीटर पर स्थिर है।
इसी तरह बकरा चौरसुआ में गोईठवा नदी का खतरे का निशान 55.47 मीटर है, जबकि जलस्तर 52.82 मीटर पर स्थिर है। सोईवा ब्रिज पर सोईवा नदी का जलस्तर 54.44 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 56.84 मीटर है। बेलदारियापर में कुम्भीरी नदी का जल प्रवाह शून्य दर्ज किया गया है।
जीराईन नदी के कुल्ती हेड वर्क पर जलस्तर में 0.10 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। अत्यधिक जल दबाव के कारण अस्थावां के ओन्दा में करीब पांच मीटर और बिंद के उतरथू में करीब तीन मीटर आंशिक कटाव हुआ था। प्रशासन के अनुसार दोनों स्थानों पर जलस्तर सामान्य है और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।
जिला पदाधिकारी उदिता सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट पर है। क्षतिग्रस्त तटबंधों को मजबूत करने के लिए तकनीकी टीमों द्वारा बांस-बल्लों की पाइलिंग, झाड़ियों की लेयरिंग और एनसी बैग्स की स्टैकिंग की जा रही है। प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।
प्रशासन के मुताबिक उदेरास्थान बराज के 30 फाटकों में से पांच फाटक खुले हैं। बराज की कुल जल निकासी क्षमता 1.59 लाख क्यूसेक है, जबकि वर्तमान में करीब 13,354 क्यूसेक पानी का सामान्य डिस्चार्ज हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल नए बैक-प्रेशर की आशंका नहीं है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक खबरों, असत्यापित वीडियो और अफवाहों पर ध्यान न दें और उन्हें आगे फॉरवर्ड करने से बचें। प्रशासन ने लोगों से केवल आधिकारिक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति और जिला प्रशासन के अधिकृत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र से संपर्क किया जा सकता है। टोल-फ्री हेल्पलाइन 1077, जिला नियंत्रण कक्ष 06112-233168 और मोबाइल हेल्पलाइन 8789858336 पर 24 घंटे संपर्क की सुविधा उपलब्ध है।
