आरजीएल उच्च विद्यालय छबीलापुर और वसुवैन में उत्साहपूर्वक मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

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छबीलापुर (नालंदा) : आज आर जी एल उच्च विद्यालय छबीलापुर और उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय वसुवैन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मेंटोर शिक्षक अजय कुमार, ओंकार देव आर्य, मणिकांत कुमार, कुंज बिहारी कुंजेश, शंकर कुमार, अशोक कुमार, रौशन कुमार सिंह, सूरज नारायण, लाइब्रेरियन मोहम्मद आफताब आलम, सोनल साची राणा, अजय, शिखा कुमारी, कल्पना, रेखा, संजीत कुमार, जैनेंद्र कुमार, सुजीत कुमार, शत्रुघ्न उपाध्याय, रवि कुमार, अजय दास, धीरज कुमार, शिशुपाल पांडे, सुशील कुमार सिंह समेत कई शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

अजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह थीम बताती है कि मानव स्वास्थ्य और पृथ्वी का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। यह भारतीय संस्कृति की “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को भी मजबूती से दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब हम प्रकृति और अपने स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं, तभी हम संपूर्ण समाज और पृथ्वी की भलाई में योगदान दे सकते हैं।

इस मौके पर वसुवैन विद्यालय के मणिकांत कुमार ने कहा कि योग अपने आप में पोषण, व्यायाम, विश्राम और संतुलित जीवनशैली का प्रतीक है। वहीं, ओंकार देव आर्य ने स्वस्थ आहार, नशा निषेध और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की।

वरिष्ठ शिक्षक संजीत कुमार और कुंज बिहारी कुंजेश ने कहा कि “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हम व्यक्तिगत स्तर के साथ-साथ सामुदायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर भी गंभीरता से ध्यान दें।

कार्यक्रम के अंत में मेंटोर शिक्षक अजय कुमार ने सभी प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति होती है, जो साल का सबसे बड़ा दिन होता है। इसी कारण इस दिन को योग दिवस के रूप में चुना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाली विद्या है। योग दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य इसके लाभों को विश्व स्तर पर फैलाना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2015 से हुई थी।

कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर योग के महत्व को समझा और संकल्प लिया कि वे इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करेंगे।

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